छत्तीसगढ़ में भूख से एक और मौत?

पेन्ड्रा | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पेन्ड्रा में भूख से एक संदिग्ध मौत हुई है. बुधवार को एक अधेड़ बेहोशी की हालात में पाया गया जिसे अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई. लाश का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. हेमंत तंवर का कहना है कि लाश के पेट में अन्न का एक दाना भी नहीं था. जिससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह मौत भी कहीं सरगुजा के बच्चे के समान भूख ने हुई हो. लाश के विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है तथा शरीर को दफना दिया गया है. पुलिस ने बताया कि अभी तक लाश की शिनाख्त नहीं हो पाई है.

छत्तीसगढ़ के पेन्ड्रा में बुधवार की दोपहर एक अधेड़ सारथी मोहल्ला में बेहोशी की हालत में मिला. जिसे आसपास के लोगों ने अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की परन्तु उसे स्ट्रेचर में लिटाते ही उसकी मौत हो गई. मृतक का शरीर देखने में बिलकुल कमजोर तथा हड्डी के ढांचे की तरह दिख रहा था. उसका पेट भी बुरी तरह से सिकुड गया था. गुरूवार को पुलिस की उपस्थिति में उक्त मृतक का डॉ. हेमंत तंवर के द्वारा पोस्टमार्टम किया गया.


पोस्टमार्टम में मृतक के पेट से डाक्टर को अनाज का एक भी दाना नही मिला और किसी भी प्रकार अन्य खाद्य पदार्थ का कोई अंश भी नही मिला. पोस्टमार्टम के बाद पूछे जाने पर डाक्टर हेमंत तंवर ने इस बात को स्वीकार किया कि मृतक के पेट में अनाज नही पाया गया. हालांकि उन्होने उसके मौत का कोई भी स्पष्ट कारण बताने से यह कहते हुए मना कर दिया कि मृतक का बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है जिसके जांच रिपोर्ट से मौत का सही कारण पता चल पायेगा. उक्त मृतक कौन और कहां का है इस संबंध में अब तक पता नही चल पाया है.

डॉ हेमंत तंवर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पेण्ड्रा ने कहा, “उपरोक्त लावारिस अधेड़ का पोस्टमार्टम मेरे द्वारा किया गया है. मृतक के पेट में अनाज के रूप में कुछ भी नही था. मृतक का शरीर बिलकुल कमजोर दिख रहा था. मौत का स्पष्ट कारण मैं नही बता सकता. मौत का सही कारण बिसरा की रिपोर्ट के आने के बाद ही पता चलेगा इसलिए बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है.”

वहीं, राजेश श्रीवास्तव, टीआई पेण्ड्रा थाना ने कहा, “संदेहास्पद परिस्थितियों में एक अज्ञात 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस के द्वारा मर्ग कायम करके उसका पोस्टमार्टम कराकर शव को दफना दिया गया है तथा पहचान के लिए मृतक के कपड़ों को थाने में रखा गया है.”

जानकारों का मानना है कि मृतक की उम्र चिकित्सक द्वारा 50 वर्ष बताये जाने से जाहिर है कि उसकी उम्र अभी काम करने की है फिर सवाल उठता है कि एक कामकाजी अधेड़ क्योंकर पेट में बिना अन्न के एक दाने के मिला है. जाहिर है कि वह काम करने तथा पैसा कमाने से वंचित रह गया है. इसी कारण से भूखे रहने के कारण लू लगने से उसकी मौत हुई हो.

एक तरफ छत्तीसगढ़ के शहरों में स्मार्ट सिटी बनने के लिये होड़ लगी हुई है दूसरी ओर उसके बाशिंदे को अन्न का एक दाना भी मयस्सर नहीं. शायद यही कारण है कि छत्तीसगढ़ से मजदूर नौकरी करने के लिये दिगर राज्यों की ओर पलायन कर जाते हैं. वैसे छत्तीसगढ़ में मनरेगा का हाल भी बेहाल है जिससे ग्रामीणों को उनके ही निवास स्थान में रोजगार दिया जा सके.

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