जमाना ऑनलाइन जुआ का है

रायपुर | संवाददाता: आजकल स्मार्ट फोन पर ऑनलाइन जुआ बड़ी तेजी से चल रहा है. जोकि पुलिस की पकड़ से भी बाहर है. मोबाइल पर इसका एप डाउनलोड करके इसे खेला जा रहा है. इसे डाउनलोड करते ही सोशल मीडिया की तरह से ग्रुप बनाने का ऑप्शन आता है. ग्रुप बनाने के बाद घर बैठे ही, कहीं घूमते हुये भी इसे खेला जा सकता है.

अब भला यह ऑनलाइन जुआ को पुलिस कैसे पकड़ सकती है क्योंकि ज्यादातर स्मार्ट फोन वाले दिन भऱ में उसी में उलझे रहते हैं. ऐसे में पुलिस किस किस के मोबाइल की जांच करें.

दरअसल, संचार क्रांति ने मानव समाज को काफी सुविधायें उपलब्ध करवाई है. अब मोबाइल फोन से ही घर बैठे कपड़े, ज्वैलरी, इलेक्ट्रानिक्स सामान से लेकर जूते, चश्मे तक हजारों चीजें खरीदी जा सकती है.

बैंक का काम भी मोबाइल फोन से ही हो जाता है. बिल भी इसी से पटाये जा सकते हैं. इसी से डिश टीवी का पेमेंट किया जाता है और तो और मोबाइल को रिचार्ज भी किया जा सकता है.

इसी के साथ जिन चीजों को समाज में खराब माना जाता है वे भी आसानी से उपलब्ध हो गई हैं. बच्चे न जाने कब कौन सी फिल्म इसमें देखने लगे, गाना सुनने लगे. उस पर रोक लगाना मुश्किल सा हो गया है. वैसे भी आजकल के गाने में हेलेन का मटकना नहीं सेक्स का तड़का लगा होता है. ऐसे में बच्चों को काबू में रखना माता-पिता के लिये कठिन होता जा रहा है.

वाट्सएप पर भेजे जा रहे संदेश तथा उससे होने वाली बाते एनक्रिप्टेड होती है. पुलिस या इंटीलीजेंस वाले इसे नहीं सुन सकते हैं और न ही इसे पकड़ सकते हैं. अपराधी यदि इसका उपयोग गलत कामों के लिये करें तो उस पर किस तरह से लगाम लगाई जा सकती है.

हालांकि, पुलिस वाले भी वाट्सएप की मदद से अपराधियों के बारें में तुरंत सूचना फोटो सहित भेज सकते हैं और जरूर भेजा भी जा रहा होगा. इस तरह से नई तकनालॉजी ने मानव समाज को जहां सुविधायें उपलब्ध करवाई है वहीं परेशानी का सबब भी बन गई है.

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