छत्तीसगढ़ में पाकिस्तान-चीन के धान

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के खेतों में जल्द ही पाकिस्तान, चीन सहित 10 अन्य देशों के धान लहलहाएंगे. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में धान अनुसंधान निदेशालय, हैदराबाद के एरोमेटिक नेटवर्क प्रोजेक्ट के तहत धान की सैकड़ों किस्मों पर अनुसंधान चल रहा है. वैज्ञानिक इस प्रयास में हैं कि विदेशों की सुगंधित किस्मों के साथ ही देशभर की सुगंधित किस्में छत्तीसगढ़ की जलवायु में लहलहाएं.

कृषि विवि के जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रिडिंग विभाग के मुताबिक, धान की कुल 556 किस्में उगाई जाती हैं. जम्मू एवं कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, असम, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार, आंध्रप्रदेश, पं. बंगाल सहित कई अन्य राज्यों में बोई जाने वाली करीब 78 सुगंधित प्रजातियों को अनुसंधान के लिए चुना गया है. रिसर्च में प्रदेश के 42 सर्वाधिक सुगंधित प्रजातियां भी शामिल हैं. इनमें जीराफूल, बादशाह भोग, विष्णुभोग, चिन्नौर, लोक्तिमासी, दूबराज, जवाफूल आदि हैं.

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के वैज्ञानिक संदीप भंडारकर ने बताया कि भारत सहित पूरे विश्व की धान की कुल 556 सुगंधित व पतले दाने वाले प्रजातियों पर अनुसंधान चल रहा है. जल्द ही कुछ प्रजातियों के बोने की अनुशंसा की जाएगी. इसमें पाकिस्तान, चीन के भी धान होंगे.

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