दिल्ली में भी काम करना था

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ पहुंचे पंडित छन्नूलाल मिश्र ने दिल्ली में भाजपा की हार पर कहा कि पीएम को जो काम दिल्ली में करना था वह विदेश जाकर करने लगे इसलिए जनता नाराज हो गई. और भाजपा को हरा दिया. उल्लेखनीय है कि वे लोकसभा चुनाव में वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक थे. पंडित मिश्र ने कहा, “अगर मोदी मुझसे पूछेंगे तो मैं लोगों से जुड़े मुद्दों पर उन्हें जरूर सलाह दूंगा.”

छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में संगीत व कला की अनिवार्यता पर पंडित मिश्र ने कहा कि रोजगार व स्टेज परफॉरमेंस दोनों में अंतर है और रोजगार आज की आवश्यकता है. यदि ऐसा होता है तो न केवल कला को एक्सपोजर मिलेगा, बल्कि कला का विस्तार होगा.


आज की कला-शिक्षा पर कटाक्ष करते हुए पंडित मिश्र ने कहा कि पहले के लोग गुरु से सीखते थे. आज कलाकार किताबों से सीखते हैं. शायद इसलिए शास्त्रीय संगीत अब पेपर म्यूजिक हो गया है.

उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत कोई सामान्य ज्ञान नहीं है. शास्त्रों से संगीत के इस महास्वरूप का जन्म हुआ, इसलिए शास्त्रीय संगीत के एक कलाकार को योग शास्त्र का ज्ञान होना आवश्यक है, क्योंकि शास्त्रीय संगीत का पूरा ज्ञान बिना शास्त्रों के पूरा नहीं हो सकता.

देश के महान संगीतज्ञ ने कहा कि हिंदुस्तान में हिंदी ही प्रधानभाषा होनी चाहिए. आज अंग्रेजी का इतना प्रभाव हो गया कि हिंदी गायब हो रही है. हिंदी हमारी मां है और पाश्चात्यता को अपनाकर हम अपनी मां को छोड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इसी अंग्रेजी ने क्लासिकल म्यूजिक को भी अधूरा कर दिया है, क्योंकि अब के कलाकारों को अंग्रेजी का ज्ञान तो है, लेकिन हिंदी व संस्कृत का नहीं.

एक सवाल के जवाब में पंडित मिश्र ने कहा कि सिर्फ गाकर चले जाना सही नहीं है. हमने क्या गाया और क्या गाने जा रहे हैं, इसे समझाना भी जरूरी है. हमारा समाज कर्मप्रधान है, इसलिए अपने कर्म को हर जन तक पहुंचाना भी जरूरी है.

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