छत्तीसगढ़ में एक दिन का राजकीय शोक

रायपुर | संवाददाता: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे के निधन के बाद छत्तीसगढ़ में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित केबिनेट की बैठक में दो मिनट का मौन धारण कर केन्द्रीय पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपीनाथ मुंडे को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों ने श्री मुंडे के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने आज पूरे प्रदेश में एक दिन का राजकीय शोक भी घोषित किया। उन्होंने केबिनट की बैठक के प्रारंभ में श्री मुंडे के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। डॉ. सिंह ने कहा कि मेरे साथ और केबिनेट के अनेक सदस्यों के साथ गोपीनाथ मुंडे का काफी पुराना और आत्मीय संबंध था।


इधर डॉ. रमन सिंह ने रायपुर में जारी शोक संदेश में कहा है कि स्वर्गीय श्री मुंडे एक कर्मठ किसान नेता और आम जनता के जीवन से जुड़े समर्पित समाज सेवी तथा कुशल प्रशासक भी थे। उन्होंने अपने लम्बे सार्वजनिक जीवन में विभिन्न विधायक और सांसद तथा केन्द्रीय मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करते हुए अपने राज्य और पूरे देश को अपनी मूल्यवान सेवाएं दी। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने वहां की जनता की बेहतरी के लिए लगातार काम किया।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्वर्गीय श्री गोपीनाथ मुंडे के साथ उनका लगभग तीन दशक से भी ज्यादा पुराना संबंध था। हम लोग वर्ष 1980 से लगातार एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए थे। उनका निधन मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से होने के नाते श्री मुंडे का छत्तीसगढ़ से भी गहरा भावनात्मक संबंध था। उनके निधन से हम सबने किसानों के सच्चे हितैषी एक संघर्षशील जनप्रतिनिधि को हमेशा के लिए खो दिया है।

उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुये स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि मुंडे के निधन से जो शून्य उपजा है, उसकी भरपाई संभव नहीं है. वे एक ज़मीनी नेता थे और जनता के साथ उनका जिस तरह का रिश्ता था, वह दूसरे नेताओं के लिये भी प्रेरणास्पद है.

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