छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक कैरी बैग बैन

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने पहली जनवरी से छत्तीसगढ़ को प्लास्टिक थैली मुक्त क्षेत्र घोषित करने का निर्णय लिया है. नगरीय प्रशासन और विकास विभाग ने इस आशय की अधिसूचना मंत्रालय ने जारी कर दी है. साथ ही प्लास्टिक कैरी बैग प्रतिबंधित हो जाने की स्थिति में विकल्प के लिए भी विशेष प्रयास किए जाए. परिपत्र में इन अधिकारियों से कहा गया है कि वे विकल्प के रूप में पेपर बैग्स, कपड़े के थैले, जूट से निर्मित बैग आदि की व्यवस्था के लिए स्वसहायता समूहों और अन्य लोगों को प्रेरित करें, ताकि उपयुक्त विकल्प उपलब्ध कराया जा सके. अधिसूचना में कहा गया है कि प्लास्टिक कैरी बैग पर्यावरण को अल्पकालीन और दीर्घकालीन नुकसान पहुंचाते हैं और मनुष्यों तथा पशुओं के स्वास्थ्य को भी संकट में डालते हैं.

छत्तीसगढ़ सरकार कि यह राय है कि प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग गंभीर रूप से हानिकारक है. ये कैरी बैग गटर तथा नालियों को भी ये अवरूद्ध करते हैं. इसके फलस्वरूप गंभीर पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न होती हैं. इन समस्याओं को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के सम्पूर्ण क्षेत्रों को प्लास्टिक कैरी बैग मुक्त घोषित किया गया है.


छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्देश दिए हैं कि एक जनवरी 2015 से छत्तीसगढ़ राज्य में कोई उद्योग प्लास्टिक कैरी बैग का विनिर्माण नहीं करेगा और कोई व्यक्ति जिसमें कोई दुकानदार, विक्रेता, थोक विक्रेता या फुटकर विक्रेता, व्यापारी, फेरी लगाने वाले या रेहडी वाले आदि शामिल हैं, माल प्रदाय करने के लिए प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग नहीं करेगा.

छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की यह अधिसूचना 24 दिसम्बर 2014 को छत्तीसगढ़ राजपत्र असाधारण में प्रकाशित कर दी गई है. इस अधिसूचना के अलावा 31 दिसम्बर को मंत्रालय से जारी परिपत्र में नगर निगमों के आयुक्तों और नगर पालिका तथा नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे राज्य सरकार की अधिसूचना का अध्ययन कर निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें.

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