छत्तीसगढ़ में उज्जवला योजना शुरु

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना शुरु हो गई है. छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने इस योजना में अपनी ओर से पचास फीसदी की भागीदारी की है. इस तरह से छत्तीसगढ़ इस योजना में केन्द्र सरकार के बराबर का भागीदार बन गया है. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने शनिवार राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का शुभारंभ किया.

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी योजना प्रारंभ की जिससे पेट्रोलियम सेक्टर भी गरीबों के लिये खुल गया. देश के गरीब तबके की महिलाओं को आजादी के 70 साल बाद धुएं और उससे होने वाली बीमारी से आजादी दिलाने में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की सराहनीय भूमिका है.


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत देश के पांच करोड़ महिलाओं के जीवन में खुशहाली आएगी. महिलाओं को ईंधन के लिये लकड़ी एकत्रित करने के लिये दूर-दूर तक जंगलों में जाने एवं धुएं से होने वाली श्वसन संबंधी बीमारी से मुक्ति मिलेगी.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी दो वर्षो में 25 लाख परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करने से जंगलों को बचाकर प्रदेश को हरा-भरा बनाने में मदद मिलेगी और 12 करोड़ पेड़ कटने से बच जाएंगे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. सिंह एवं पेट्रोलियम राज्य मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंच से जमुना बाई निषाद और सहोदरा बाई निषाद सहित 15 महिलाओं को रसोई गैस सिलेण्डर व चूल्हा प्रदान कर प्रदेश में इस योजना का शुभारंभ किया.

कार्यक्रम में राज्य शासन एवं ऑयल कंपनियों द्वारा रायपुर और दुर्ग संभाग की 5 हजार महिलाओं को गैस कनेक्शन का वितरण किया गया.

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में केन्द्र के बराबर वित्तीय साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य है. इसके लिये उन्होने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का आभार व्यक्त किया. एक रसोई गैस कनेक्शन लेने में लगभग 3200 रूपये खर्च आता है. केन्द्र एवं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 1600-1600 रूपये एक रसोई गैस कनेक्शन पर खर्च किया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दो बर्नर वाला गैस चूल्हा एवं सिलेंडर की प्रथम रीफिल दी जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा सिलेंडर, रेग्युलेटर और पाईप दिया जा रहा है. श्री प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्ज्ञवला योजना के तहत छत्तीसगढ़ में आगामी दो वर्षो में 25 लाख गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन दिए जाएंगे. इससे छत्तीसगढ़ में 100 में से 75 परिवारों के पास रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध होगा.

इस अवसर पर पेट्रोलियम मंत्री ने छत्तीसगढ के दूरस्थ क्षेत्रों में सहकारी समितियों के माध्यम से 50 नए गैस वितरण केंद्र खोलने की घोषणा की. उन्होने छत्तीसगढ़ के कोरबा, जांजगीर एवं तिल्दा में नए रिफीलिंग सेंटर तथा 200 करोड़ रूपये की लागत से रायपुर एवं कोरबा में नए बॉटलिंग प्लांट प्रारंभ करने की घोषणा भी की. इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री पून्नूलाल मोहले, सांसद श्री रमेश बैस, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
इस योजना में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 में दस लाख परिवारों को एल.पी.जी. कनेक्शन जारी किए जाएंगे.

इस योजना में प्रत्येक हितग्राही को सिर्फ दो सौ रूपए का अंशदान करना होगा, लेकिन सब्सिडी के रूप में लगभग 140 रूपए उसके खाते में जमा होंगे. इस प्रकार हितग्राही को यह कनेक्शन सिर्फ 60 रूपए में पड़ेगा.

इसके अलावा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अपनी ओर से प्रत्येक हितग्राही को मात्र 200 रूपए के अंशदान पर 990 रूपए का डबल बर्नर गैस चूल्हा और प्रथम रिफिल की सुविधा दी जा रही है.

इस प्रकार राज्य सरकार द्वारा प्रति कनेक्शन लगभग 1400 रूपए की सब्सिडी दी जा रही है. केन्द्र सरकार की सब्सिडी रूपए 1600 को मिलाकर प्रत्येक हितग्राही को इस योजना में कुल 3000 रूपए की सब्सिडी मिल रही है.

छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जिसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस महत्वपूर्ण योजना में अपनी ओर से 50 प्रतिशत की भागीदारी दी है. इस प्रकार छत्तीसगढ़ इस योजना में केन्द्र के साथ बराबर का भागीदार बन गया है.

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