बस्तर में लोकतंत्र बहाली की मांग

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर में लोकतंत्र की बहाली की मांग पर 21 नवंबर को धरना दिया जायेगा. इस संबंध में एक बैठक राजधानी रायपुर में हुई. जिसकी अध्यक्षता पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने की. इसमें बस्तर में जनतांत्रिक आंदोलनों पर हमले की मुहिम का कड़ा विरोध करते हुये सर्वसम्मति से एक संयुक्त घोषणा पत्र स्वीकर किया गया.

इस घोषमा पत्र को राज्य के राज्यपाल को भेजकर उनसे हस्तक्षेप की मांग की जायेगी. बैठक में 21 नवंबर को बस्तर में लोकतंत्र की बहाली के मुद्दों को लेकर धरना का भी निर्णय लिया गया.


इस बैठक में बैठक माकपा के धर्मराज महापात्र एवं एमके नंदी, कांग्रेस के शैलेश नितिन त्रिवेदी, सीपीआई के विनोद सोनी, आप के संकेत ठाकुर, जेडीयू के मनमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के आलोक शुक्ला, नदी घाटी मोर्चा के गौतम बंदोपाध्याय उपस्थित थे.

राजनैतिक दलों और जनसंगठनों की संयुक्त घोषणा में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के राज में कथित तौर पर जनतंत्र पर हो रहे हमले विशेषकर बस्तर में माओवाद से निपटने के नाम पर राज्य प्रायोजित हिंसा व बस्तर आईजी कल्लूरी के नेतृत्व में राजनैतिक कार्यकर्ताओं, वकीलों, पत्रकारों, आम आदिवासियों, महिलाओं, बच्चों, आम नागरिकों, अल्पसंख्यकों पर जारी दमनचक्र की निंदा की गई है.

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