छत्तीसगढ़ स्वच्छता अभियान में पिछड़ा

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में स्वच्छता अभियान का बुरा हाल है. व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के मामले में राज्य बहुत पिछड़ा हुआ है. हाल ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान की घोषणा के बाद जोर-शोर से शुरु किये गये शौचालय के काम भी ठप्प पड़े हुये हैं.

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में गुरुवार को शहरी विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री बाबूल सुप्रीयो ने जानकारी दी कि राज्य में 2 लाख 28 हज़ार, 518 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय का काम शुरु किया गया था. लेकिन इनमें से केवल 33 हज़ार 919 शौचालय ही पूर्ण हो पाये.

इसी तरह सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य भी अधर में लटका हुआ है. राज्य में 9 हज़ार 849 सामुदायिक शौचालय का काम शुरु किया गया था लेकिन इसमें से केवल 3 हज़ार 571 शौचालयों का निर्माण ही पूर्ण हो पाया है.

12 साल में राज्य में भाजपा सरकार ने नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर तरह-तरह के प्रयोग किये. लेकिन आंकड़ों में भी इस प्रबंधन में राज्य सरकार पिछड़ गई है.

छत्तीसगढ़ के कुल 3 हज़ार 232 वार्डों में से केवल 739 वार्डों में ही घर-घर जा कर कचरा उठाने की सुविधा उपलब्ध है. वह भी दैनिंदन आधार पर नहीं होता. बल्कि सप्ताह में कभी कभार ही कचरा उठाने वाले इन वार्डों में आते हैं.

सरकारी आंकड़ों पर यकीन करें तो छत्तीसगढ़ में हर दिन 1896 मिट्रिक टन कचरा एकत्र किया जाता है. लेकिन इनमें से एक किलोग्राम कचरे को भी संशाधित नहीं किया जाता.

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