प्रभु की रेल में छत्तीसगढ़ की बोगी

रायपुर | संवाददाता: आज पेश रेल बजट 2016-17 में छत्तीसगढ़ को कई सौगाते मिली हैं. जिसके लिये छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने तहेदिल से रेल मंत्री तथा प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया है. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा, “वैसे तो रेल बजट में देश के सभी क्षेत्रों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ के लिए यह इस मायने में एक ऐतिहासिक रेल बजट है कि पहली बार राज्य को इसमें ऐसी कई बड़ी सौगातें मिली हैं, जिनकी जरूरत लम्बे समय से महसूस की जा रही थी. इससे राज्य में विकास के नये दरवाजे खुलेंगे.”

आइये देखते हैं कि रेल मंत्री की रेल में छत्तीसगढ़ की बोगी कहां पर लगी है. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में प्रस्तुत किए गए रेल बजट में छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्रस्तावों को भी शामिल कर लिया है.

इनमें दल्लीराजहरा-जगदलपुर 235 किलोमीटर रेलमार्ग सहित तीन रेल कॉरीडोर- रायगढ़ (मांड कोलियरी)-भूपदेवपुर 63 किलोमीटर और गेवरारोड-पेण्ड्रारोड (लगभग 122 किलोमीटर), धरमजयगढ़-कोरबा (63 किलोमीटर) भी शामिल हैं.

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लगभग दो सप्ताह पहले इस महीने की 09 तारीख को नई दिल्ली में रेल मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात कर उन्हें छत्तीसगढ़ में रेल सुविधा के विस्तार के लिए कई प्रस्ताव दिए थे. उनमें से तीन नई रेल कॉरीडोर परियोजनाओं के लिए रेल मंत्री के समक्ष एम.ओ.यू. भी किया गया था.

इन तीनों नवीन कॉरीडोर परियोजनाओं को भी नये रेल बजट में आज शामिल कर लिया गया, जिनकी कुल लम्बाई 762 किलोमीटर होगी. इन नवीन रेल कॉरीडोर परियोजनाओं में डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा होते हुए बिलासपुर तक (270 किलोमीटर), बरवाडीह (झारखण्ड) से छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर और चिरमिरी तक 182 किलोमीटर तथा रायपुर से बलौदाबाजार होते हुए झारसुगड़ा (ओड़िशा) तक 310 किलोमीटर की रेल परियोजनाएं शामिल हैं.

बरवाडीह-अम्बिकापुर-चिरमिरी रेल मार्ग के बन जाने पर आदिवासी बहुल सरगुजा और कोरिया जिले के कई रेल विहीन इलाकों में जनता को रेल यातायात की सुविधा मिलेगी.

इसी तरह रायपुर से बलौदाबाजार होकर झारसुगड़ा के लिए घोषित नयी रेल लाईन से छत्तीसगढ़ का बलौदाबाजार इलाका रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा. साथ ही खैरागढ़ और कवर्धा जैसे इलाको में जनता को रेल परिवहन की सुविधा मिलने लगेगी.

नये रेल बजट में मुम्बई-खड़गपुर-पूर्व पश्चिम कॉरीडोर निर्माण का भी प्रस्ताव शामिल किया गया है. यह कॉरीडोर छत्तीसगढ़ से गुजरेगा जिसका लाभ इस नये राज्य को मिलेगा.

रेल मंत्री ने जिन 400 रेल्वे स्टेशनों को पी.पी.पी. मॉडलों में विकसित करने की घोषणा की है, उनमें छत्तीसगढ़ के सात स्टेशन-रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई पावर हाउस, चाम्पा और रायगढ़ भी शामिल हैं.


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