छत्तीसगढ़: रायपुर में बधिरों के लिए कॉलेज

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अगले सत्र से बधिरों के लिये विशेष कालेज खोला जायेगा. इसका निर्णय गुरुवार को केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत के साथ बैठक में लिया गया. केन्द्रीय मंत्री गेहलोत ने बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना की भी प्रशंसा की और इस योजना के तहत राज्य में बधिर बच्चों के कॉकलियर इमप्लांट के लिए इस वर्ष पचास बच्चों के मान से तीन करोड़ रूपए की मदद करने का आश्वासन दिया.

उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर राज्य में श्रवण बाधित युवाओं के लिए अगले शिक्षा सत्र से विशेष कॉलेज खोलने की भी स्वीकृति तुरन्त प्रदान कर दी और कहा कि कॉलेज भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रूपए की एक मुश्त सहायता और कॉलेज संचालन के लिए दो वर्ष तक डेढ़-डेढ़ करोड़ रूपए की मदद केन्द्र की ओर से दी जाएगी.


उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवास खोलने के प्रस्ताव पर भी अपनी सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी और इसके लिए भी आवश्यक मदद करने का भरोसा दिलाया. थावरचंद गेहलोत ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तृतीय लिंग समुदाय के लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी तारीफ की.

मुख्यमंत्री ने थावरचंद गेहलोत को बताया कि राज्य में तृतीय लिंग समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए अलग से बोर्ड का गठन किया गया है और उन्हें चिन्हांकित करने के लिए सर्वेक्षण भी किया जा रहा है. अब तक तीन हजार लोगों को चिन्हांकित किया जा चुका है. तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्तियों को राज्य में विभिन्न व्यवसायों का कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जाएगा.

उनके स्व-सहायता समूह बनाकर उन्हें ब्यूटी पार्लर, केटरिंग आदि व्यवसायों के लिए सहायता दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से राज्य में निःशक्त बच्चों को निःशक्त व्यक्तियों के कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिलाने का भी आग्रह किया. इस वर्ष प्रदेश के पांच हजार ऐसे निःशक्तजनों को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य बैठक में निर्धारित किया गया.

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