छत्तीसगढ़: दुर्लभ उल्लू उदासीनता का शिकार

रतनपुर | उस्मान कुरैशी: छत्तीसगढ़ के रतनपुर में बीती रात दुर्लभ प्रजाति के उल्लू का बच्चा थानापारा के एक मकान में घायल होकर गिर गया. जिसे सुरक्षित रखकर बचाने वन विभाग को सूचना दी गई. पर वन अफसरों की उदासीनता से परेशान घायल उल्लू सुबह अपनी जान बचाने लकड़ी टाल के पेड़ के उची डाल पर जा बैठ गया. जहां वह अपनी जान बचाने जद्दोजहद करता रहा.

सोमवार की रात एक दुर्लभ प्रजाति के उल्लू का बच्चा थानापारा निवासी प्रशांत यादव के घर के आंगन में गिर गया. घर में मौजूद लोग आंगन में किसी वस्तु के गिरने की आवाज सुनकर बाहर आए तो देखा कि एक उल्लू पड़ा हुआ है. आंगन में पड़े घायल उल्लू के मुंह से खून निकल रहा था. घर वालों ने उल्लू को एक बांस की टोकरी में ढ़क कर सुरक्षित रख दिया. सुबह इसकी सूचना वन विभाग को दी गई पर मौके पर इस दुर्लभ उल्लू को बचाने कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहंुचा. मीडिया कर्मियों के पहुंचने के बाद टोकरी को हटाया गया तो कुछ देर बाद घायल उल्लू का बच्चा फूदकते हुए वन विभाग के ही लकड़ी टाल के एक पेड़ की उंची टहनी पर बैठ गया. पेड़ की टहनी पर बैठे उल्लू के इस बच्चे की बंदर के साथ चील-कौवें परेशान करते रहे. उल्लू काफी दुर्लभ प्रजाति का बहुत खूबसूरत नजर आ रहा था. आस पास के इलाके में इस रंगरूप के उल्लूओं के दिखाई नहीं पड़ने की बातें कही जा रही थी.


प्रशांत यादव के मुताबिक घायल उल्लू ठीक से उड़ान भरने में असमर्थ था . इसकी जानकारी वन विभाग के अफसरों को दी गई पर इसे किसी ने भी गंभीरता से नही लिया. और जानकारी मिलने के बाद भी इस दुर्लभ जीव को बचाने किसी भी प्रकार पहल नहीं की गई.

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