स्कूली तर्ज पर होंगे कॉलेज के प्रश्नपत्र

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में स्कूल की तर्ज पर ही अब कॉलेज और विश्वविद्यालय के स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के प्रश्नपत्र होंगे. इसके साथ ही प्रश्नपत्रों में लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय और अति दीर्घ उत्तरीय पैटर्न लागू करने विचार किया जा रहा है. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के प्रश्नपत्र में बदलाव की पहल शुरू कर दी है.

रविवि के कुलपति प्रो. एस.के. पांडेय ने एक बयान जारी कर बताया कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में अब तक 100 अंकों के प्रश्नपत्र में प्राय: 10-10 प्रश्न पूछे जाते थे, जिनमें पांच प्रश्नों को हल करना होता था. सभी पर समान रूप से 20 अंक निर्धारित होते थे. इसी तरह 75 अंकों के प्रश्नपत्र पर भी 15-15 समान अंक निर्धारित होते थे.

उन्होंने कहा कि कॉलेज विद्यार्थियों को प्राय: यह भ्रम होता है कि ज्यादा लिखने से ज्यादा अंक मिलेंगे, लिहाजा उत्तरपुस्तिकाएं भरने के चक्कर में विद्यार्थी उत्तरों को अनावश्यक बढ़ाकर लिखते रहे हैं. इसके अलावा ज्यादा सप्लीमेंट्री के चक्कर में भी खाली पेज छोड़ देना, जरूरत से ज्यादा स्पेस छोड़ना आम बात है. इन्हीं सब कारणों को देखते हुए रविवि प्रशासन उत्तर पुस्तिकाओं के पेज निर्धारित करने पर विचार कर रहा है, ताकि प्रश्नपत्रों के उत्तर स्कूली प्रश्नपत्र की तरह सटीक हों.

प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव के लिए समिति बनाई गई है. प्रश्नपत्र का स्वरूप लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय और अति दीर्घ उत्तरीय पैटर्न में रखने का सुझाव समिति को दिया गया है, जिस पर विचार किया जा रहा है. समिति की रिपोर्ट के बाद ही प्रश्नपत्रों के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा.

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