छत्तीसगढ़ में 1243 जानें बच सकती थी

रायपुर | सीजीखबर मुहिम: छत्तीसगढ़ में हेलमेट पहनने से 2015 में करीब 1243 जानें बचाई जा सकती थी. केन्द्र सरकार की हालिया रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है. छत्तीसगढ़ में साल 2015 में सड़क दुर्घनाओं में कुल 4082 जानें गई जिनमें से 1243 दोपहिया वाहनों के सवार/चालक थे. उल्लेखनीय है कि इन दिनों छत्तीसगढ़ में हेलमेट पहनने के लिये जोरदार अभियान चलाया जा रहा है. हेलमेट पहनने से दोपहिया सवार/चालकों जानलेवा सड़क दुर्घनाओं से बच सकते हैं.

छत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम का जहां व्यापक तौर पर स्वागत किया गया वहीं खुद लोग हेलमेट पहनने से बचते हैं. यहां तक कि खुद पुलिस वाले हेलमेट नहीं पहनते हैं. हैरत की बात है कि शुरुआत में हेलमेट न पहनने पर 500 रुपये जुर्माना लगाया जा रहा था जिसे कम करके अब 200 रुपये कर दिया गया है. जबकि हेलमेट न पहनने पर इतना जुर्माना लगाया जाना चाहिये कि उससे लोग ISI मार्क वाला दो हेलमेट खरीद सकें तभी उन्हें हेलमेट खरीदने/पहनने पर मजबूर किया जा सकता है.

दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के सड़कों पर 200-500 रुपयों तक की कीमत वाले हेलमेट धड़ल्ले से बेचे जा रहें हैं जिनका उद्देश्य जुर्माना पटाने से बचना है सड़क दुर्घटनाओँ में जान बचाना नहीं है. इन ‘डुप्लीकेट हेलमेट’ बेचने पर न तो कोई कार्यवाही हो रही है और न ही पुलिस तथा प्रशासन इसके प्रति गंभीर है.

गौरतलब है कि केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘भारत में सड़क दुर्घटना 2015’ पर रिपोर्ट जारी करते हुये कहा कि देश में 30 फीसदी फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनने हैं जिन पर लगाम कसने की तैयारी हो रही है.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने हेलमेट पहनने के प्रति जन जागरुकता के लिये खुद हेलमेट पहनकर दोपहिया गाड़ी चलाई. इधर वास्तविकता है कि जब पुलिस या परिवहन विभाग वालें बिना हेलमेट पहनने पर सवार/चालकों को रोकते हैं तो वे अपनी ‘ऊंची पहुंच’ का हवाले देने लगते हैं.

छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के आकड़ें-

– साल 2015 में छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटना में 13,426 लोग तथा देश में 5,00,279 लोग घायल हुये.
– सड़क दुर्घनाओं में छत्तीसगढ़ की भागीदारी महज 2.9 फीसदी है.
– साल 2015 में कुल 14,446 सड़क दुर्घटनायें हुई जिसमें 13,426 घायल तथा 4,082 लोग मारे गये.
– साल 2013 में प्रति 10,000 गाड़ियों में से 40 दुर्घनाग्रस्त हुये है.
– साल 2015 में 3710 घातक, 1816 गंभीर, सामान्य चोट वाली 7217 तथा बिना चोट वाली 1703 सड़क दुर्घटनायें हुये.
– राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2012 में 3609, 2013 में 3237, 2014 में 2986 तथा 2015 में 3585 दुर्घटनायें हुये.
– जिनमें 2012 में 956, 2013 में 1124, 2014 में 1118 तथा 2015 में 1201 जानें गई.
– राज्य राजमार्ग में 2012 में 3654, 2013 में 3804, 2014 में 3758 तथा 2015 में 3898 दुर्घटनायें हुई.
– जिनमें 2012 में 842, 2013 में 938, 2014 में 1180 तथा 2015 में 1139 जानें गई.
– सड़क दुर्घनाओं में साल 2015 में पैदल चलने वाले 151 लोग दुर्घटना की चपेट में आये, 117 घायल हुये तथा 36 लोग मारे गये.

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