मिठाई 72 घंटे बाद बेची तो जेल!

बिलासपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ में मेला मड़ई का दौर प्रारम्भ हो गया है. ऐसे में मिलावटी मिठाई को लेकर प्रशासन सतर्क है. वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि 72 घंटे से पहले बनी मिठाई बेचने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा. इस आशय का आदेश कलेक्टेरेट पहुंच गया है. बिलासपुर कलेक्टर सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी कहते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देषों पर अमल करने को कहा गया है. निर्देषों व हिदायतों पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई करने और सतत जांच करने संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया है. इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

बताया जाता है कि खाद्य पदार्थो में मिलावट के अलावा बासी मिष्ठान के चलन पर प्रभावी रोक लगाने और इसे बाजार से दूर रखने के लिए केंद्र सरकार ने नया तरीका अख्तियार किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं पर्यावरण मंत्रालय ने अमानक स्तर के खाद्य पदार्थ बनाने और इसे बाजार में चालाकी के साथ खपाने वालों पर लगाम कसने का निर्णय लिया है.

घटिया किस्म के खाद्य पदार्थो के अलावा खोवे से बनने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता पर अब सरकारी अमला नजर रखेगा. खोवे से बनने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर केंद्र सरकार ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. जारी निर्देषों के तहत मिठाई बनाने के 72 घंटे तक ही इसे बेचने की छूट होटल संचालकों को रहेगी.

इसके बाद इसे अमानक स्तर की श्रेणी में मान लिया जाएगा. तय समय सीमा के बाद मिठाई बेचते पाए जाने पर होटल संचालकों के खिलाफ जुर्माना व कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है. अमानक स्तर की मिठाइयां बेचने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसमें जुर्माना के अलावा सजा का भी प्रावधान किया गया है. बहरहाल इससे आम नागरिकों के स्वस्थ्य के साथ खिलवाड़ बंद होगा, वहीं उपभोक्ताओं को ताजा मिठाइयां भी मिलेंगी.

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