लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में सरगुजा

अम्बिकापुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग ने एक बार फिर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. पौधरोपण और शिक्षा के क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर चुके सरगुजा ने इस बार साक्षरता के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक और कीर्तिमान हासिल किया है.

साक्षर भारत कार्यक्रम के तत्वावधान में लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गत वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सरगुजा संभाग के आयुक्त एवं कलेक्टर के मार्गदर्शन में साक्षरता दीपोत्सव का आयोजन किया गया था.

इस दौरान अविभाजित सरगुजा जिले के 1084 ग्राम पंचायतों में स्थित लोक शिक्षा केंद्रों, 19 विकासखण्ड लोक शिक्षा केंद्रों एवं तीनों जिला स्तरीय लोक शिक्षा समितियों में तीन लाख 41 हजार 652 लोगों ने सायं 6.30 से 7.00 बजे के मध्य दो लाख 64 हजार 502 दीप प्रज्ज्वलित कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में इस उपलब्धि को दर्ज करवाया.

जिले का नाम दूसरी बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. इससे पूर्व वर्ष 2007 में एक साथ 13 लाख 85 हजार 946 पौधे लगाने पर जिले का नाम रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था.

सरगुजा कलेक्टर ऋतु सैन द्वारा साक्षरता दीपोत्सव से संबंधित लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड का प्रमाण पत्र जिला लोक शिक्षा समिति के परियोजना अधिकारी के.पी. दीक्षित एवं सहायक परियोजना अधिकारी गिरीश गुप्ता को सौंपा गया. इस अवसर पर श्रीमती सैन ने साक्षरता दीपोत्सव से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारी, कर्मचारी एवं सभी कार्यकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं.

उल्लेखनीय है कि 25 जनवरी 2013 को तत्कालीन जल संसाधन मंत्री राम विचार नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कमिश्नर एम.एस. पैंकरा एवं कलेक्टर आर. प्रसन्ना, जिला पंचायत सीईओ किरण कौशल के मार्गदर्शन तथा सूरजपुर कलेक्टर एस.भारती दासन एवं बलरामपुर-रामानुजगंज के कलेक्टर सी.आर. प्रसन्ना के समन्वय से अविभाजित सरगुजा जिले में लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साक्षरता दीपोत्सव का आयोजन किया गया था.

जिला लोक शिक्षा समिति सरगुजा की इस उपलब्धि पर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक एवं सदस्य सचिव सी.एस. डेहरे ने तत्कालीन परियोजना अधिकारी संजय गुप्ता के सक्रिय योगदान की सराहना की और समिति के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं.

गौरतलब है कि अविभाजित सरगुजा जिले को साक्षरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए वर्ष 2008 में देश का सर्वोच्च सम्मान सत्येन मैत्रा अवार्ड, वर्ष 2010 में लुण्ड्रा विकासखण्ड के कोयलारी ग्राम पंचायत को साक्षरता के क्षेत्र में उत्कृष्टता हेतु सत्येन मैत्रा अवार्ड, वर्ष 2011 में अविभाजित सरगुजा जिले के विकासखण्ड सूरजपुर को साक्षर भारत अवार्ड तथा वर्ष 2012 में सरगुजा जिले को साक्षर भारत अवार्ड मिल चुका है.

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