छत्तीसगढ़: चरवाहा बनेगा डॉक्टर

रायपुर | एजेंसी: अच्छे ट्यूशन के बल पर ही अच्छा अंक अर्जित किया जा सकता है, इसे छत्तीसगढ़ के एक चरवाहे ने गलत साबित कर दिया है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 150 किलोमीटर दूर, राजनांदगांव जिला के सुदूर वनांचल अंबागढ़ चौकी ब्लॉक के चिखली के छात्र भूपेंद्र पाल ने इस वर्ष दसवीं की परीक्षा में 91.5 प्रतिशत अंक अर्जित कर छत्तीसगढ़ के अन्य छात्रों के लिए एक मिशाल पेश की है.

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी ट्यूशन के उसने सभी विषयों में डिसटिंक्शन प्राप्त की है. परिवार की माली हालत खराब होने की वजह से भूपेंद्र बकरी चराकर अपने व परिवार का पालन पोषण करता है. सुबह व शाम को बकरी चराने के बाद वह पढ़ाई सिर्फ रात को ही कर पाता है. इसके बावजूद उसकी कठिन परिश्रम की और परिणाम सबके सामने है.


भूपेंद्र का सपना डॉक्टर बनकर समाज सेवा करने का है. उसके माता-पिता रोजी-रोटी की तलाश में अक्सर गांव से बाहर रहते हैं और वह अपने दादा-दादी के साथ रहकर बकरी चराकर अपने परिवार का पालन-पोषण भी करता है.

इस वर्ष उसने छत्तीसगढ़ के अंबागढ़ चौकी ब्लॉक के चिखली हाईस्कूल से हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा दिलाई थी, जिसमें उसे सभी विषयों में डिसटिंक्शन के साथ शानदार 91.5 प्रतिशत अंक मिले हैं. गांव वालों का कहना है कि भूपेन्द्र का डॉक्टर बनने का सपना जरूर पूरा होगा.

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