बैगाओँ के लिये सोलर वाटर पंप

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में 200 बैगा परिवारों के लिये सोलर वाटर पंप लगाया जाने वाला है. घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में निवास कर रहे छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बैगा आदिवासियों को बहुत जल्द पीने के साफ पानी की अक्सर होने वाली समस्या से मुक्ति मिल जाएगी. छत्तीसगढ़ सरकार ने बैगा बहुल गांवों में सौर ऊर्जा प्रणाली से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. इतना ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों ने कबीरधाम जिले में बैगा आदिवासियों के बीस गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने की तैयारी भी शुरू कर दी है.

छत्तीसगढ़ में बैगा जनजाति के लगभग 200 परिवारों को पाइप लाइन बिछाकर और उनके घरों में नल कनेक्शन देकर सोलर पम्पों के माध्यम से शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति की जाएगी. मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप बैगा आदिवासी बहुल गांवों में लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा दिलाना बहुत जरूरी है, ताकि गर्मी और बरसात के मौसम में अक्सर होने वाली उल्टी-दस्त जैसी संक्रामक बीमारियों से भी उनका बचाव हो सके.


जिले के बोड़ला विकासखण्ड के दस और पंडरिया विकासखण्ड के दस बैगा आदिवासी बहुल गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जा रही है. जिन बैगा आदिवासी बहुल गांवों में सोलर पम्पों से पेयजल आपूर्ति की योजना है, उनमें विकासखण्ड बोड़ला के दस गांव-कबराटोला, महली, बोरिया, सलगी, साजाटोला, दरई, गुड़ली, बछरूकोन्हा, मचियाकोन्हा और मुड़वाही तथा विकासखण्ड पंडरिया के अंतर्गत ग्राम बिरहुलडीह, कुशियारी, महिडबरा, अंधियाखोर, पुटपुटा, दमगढ़, माठपुर, नेउल, पोलमी और कामठी शामिल हैं. इनमें से प्रत्येक विकासखण्ड के 100 बैगा परिवारों को नल कनेक्शन दिए जाएंगे.

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