छत्तीसगढ़ में भी ‘बाहरी’ की पिटाई

रायपुर | संवाददाता: महाराष्ट्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में बाहरी परीक्षार्थियों के साथ मारपीट ने राज्य में शांति और सुरक्षा की पोल खोल दी है. स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की भर्ती परीक्षा के लिये छत्तीसगढ़ आये दूसरे प्रदेश के परीक्षार्थियों के साथ छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मारपीट की, उन्हें धमकाया और बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र और चालान लूट कर जला दिये. छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के कार्यकर्ताओं ने बाहरी विद्यार्थियों के साथ दिन भर ऐसी हरकतें की और पूरे मामले में इंतेहा होने तक पुलिस खामोशी से सबकुछ देखती रही. रविवार को भी शहर में तनाव का माहौल नजर आया.

भिलाई स्टील प्लांट के 934 पदों के लिये स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की भर्ती परीक्षा में आये दूसरे राज्य के लोगों को लेकर छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने एक दिन पहले से ही माहौल बनाना शुरु कर दिया था. होटलों और धर्मशालाओं में मंच के कार्यकर्ताओं ने जा कर चेतावनी दी थी कि दूसरे राज्य से आने वाले परीक्षार्थियों को वहां ठहरने नहीं दिया जाये.


इसके बाद शनिवार को माहौल गरमाने लगा. मंच के कार्यकर्ताओं ने होटलों और लॉजों में ठहरे दूसरे राज्य के परीक्षार्थियों को बाहर निकालना शुरु किया. कुछ लोगों ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई. मंच के कार्यकर्ताओं ने अपना गुस्सा रेल से आने वाले परीक्षार्थियों पर सबसे अधिक उतारा. ओडीशा, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाली रेलगाड़ियों से उतरने वाले लोगों के प्रवेश पत्र देखे गये और जो भी परीक्षार्थी दूसरे राज्यों का निकला, उसका प्रवेश पत्र छीन कर उसे जला दिया गया. इस दौरान भागते-दौड़ते परीक्षार्थियों को दौड़ा कर पीटा गया.

कई परीक्षार्थी दहशत के मारे दूसरी रेलगाड़ियों से वापस लौट गये. इस पूरे दौर में स्टेशन पर उपस्थित पुलिस मूकदर्शक बन कर देखती रही. सीएसपी शाहिद अली मौके पर पहुंचे जरुर लेकिन वे अधिकांश समय पुलिस चौकी में बैठे रहे.

शाम को जब परीक्षार्थियों और मंच के कार्यकर्ताओं को बीच झड़प की घटनाएं बढ़ीं, तब कहीं जा कर पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें रिहा भी कर दिया. रिहा हुये कार्यकर्ता दुबारा स्टेशन पहुंच गये और दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों का विरोध जारी रहा. रविवार को भी इस मुद्दे को लेकर कई होटलों और परीक्षा केंद्रों के आसपास तनाव का माहौल बना रहा.

इधर स्वाभिमान मंच के साथ गठबंधन में शामिल कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के सदस्य सीआर बख्शी ने कहा कि क्षेत्रियता की लड़ाई पूरे देश चल रही है और स्वाभिमान मंच भी वही कर रहा है. मंच के साथ गठबंधन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हरेक संगठन का अपना-अपना एजेंडा और काम करने का तरीका है. हम न्यूनतम साझा कार्यक्रम चलाने के लिये साथ आये हैं. ऐसे में इस तरह की घटनाओं की निंदा या प्रशंसा करने का सवाल नहीं है.

जयदू के प्रदेश अध्यक्ष आनंद मिश्रा ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के लिये सरकार ने परिस्थितियां पैदा कर दी हैं. उन्होंने कहा कि एक तो राज्य में नौकरियां नहीं हैं, ऐसी परिस्थितियों में इस तरह के हालात पैदा कर सरकार जनमुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है.

छत्तीसगढ़ संघर्ष मोर्चा में स्वाभिमान मंच के साथ शामिल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव एम के नंदी ने इस घटना की आलोचना करते हुये कहा कि इस तरह की क्षेत्रिय राजनीति का हम विरोध करते हैं. किसी भी सांप्रदायिक और फासीवादी पार्टी के साथ सीपीएम एक मंच पर नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लाखों मजदूर और दूसरे लोग पूरे देश भर में काम करते हैं और ऐसी घटनाएं अराजक माहौल पैदा करती हैं.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नंद कश्यप ने इस तरह की प्रवृतियों को घातक बताते हुये कहा कि ये घठना घोर निंदनीय है और किसी भी तरह से इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब सारे देश में रोजगार का संकट है और योग्य नौजवानों की पूरी भीड़, तब किसी को भी अपनी योग्यता में खरे उतरने का अवसर नहीं देना, न सिर्फ उस व्यक्ति के खिलाफ बल्कि पूरी मानवता के खिलाफ एक अपराध है. इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों की देशभक्ति पर मुझे संदेह है.

इधर इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के महासचिव मेघनाथ यादव ने कहा है कि स्थानीय स्तर पर नौकरियों में 80 फीसदी स्थानीय लोगों की भर्ती की मांग पर हम अडिग हैं. उन्होंने कहा कि बाहर में छत्तीसगढ़ के लोगों को नौकरी नहीं मिलती तो कम से कम स्थानीय स्तर पर तो हमें नौकरी का लाभ मिलना चाहिये. हम भविष्य में भी इस तरह के आंदोलन चलाते रहेंगे.

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