छत्तीसगढ़: डेंगू की चपेट में जवान

जगदलपुर | संवाददाता: बस्तर के सुकमा में फैले डेंगू ने अब सुरक्षा बलों के जवानों को भी अपने चपेट में ले लिया है. सुकमा में जांच के दौरान चार जवानों में डेंगू पाजिटीव पाया गया है. स्थानीय स्वास्थ्य टीम के साथ मेकेहारा की टीम गांव और सीआरपीएफ कैंपों में पहुंच रही है. टीम ने कोंटा, इंजरम, कुट्टाचेरू, पेदाकिशोरी, दोरनापाल आदि कैंपों में पहुंच कर जांच किया.

पीड़ित जवानों को मेकाहारा भेज दिया गया है. टीम पुलिस जवानों सैंपल लेने के साथ ही अन्य स्वास्थ्य परीक्षण कर बचाव के तरीके बता रहा है. ज्ञात हो कि कोंटा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में डेंगू का प्रसार हो चुका है.


मिली जानकारी के अनुसार बुखार पीड़ितों गांव वालों में अब तक 86 सैंपल में डेंगू पॉजीटिव होना पाया गया है. गौरतलब है कि मलेरिया की तरह ही डेंगू भी जानलेवा है. यदि समय पर इसका सही उपचार नहीं किया गया तो मरीज की जान भी जा सकती है.

उल्लेखनीय है कि मलेरिया की तरह डेंगू रोग का भी संक्रमण मच्छरों से होता है. बस्तर के नक्सल प्रभावित बीहड़ क्षेत्रों में तैनात सीआरपीएफ, बीएसएफ व अन्य सुरक्षा बल के जवान अब तक मलेरिया से पीड़ित होते रहे हैं.

विगत कई वर्षों में मलेरिया से पीड़ित आधा दर्जन से अधिक जवानों की मौत हो चुकी है वहीं सैकड़ों जवान इस रोग से पीड़ित भी हो चुके हैं. लेकिन अब मलेरिया के बजाये जवान डेंगू रोग से पीड़ित हो रहे हैं. सीआरपीएफ कैम्पों में इन जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तो प्रारंभिक जांच में डेंगू रोग का ही लक्षण पाया गया.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए लोगों से एक बार फिर अपने आसपास सफाई करने पर जोर दिया. रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "डेंगू खतरनाक है, लेकिन अगर हम छोटी-छोटी चीजों में सफाई का खयाल रखते हैं तो इससे बचाव करने का तरीका बेहद आसान है."

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके लिए जागरूकता थी, लेकिन कुछ कमी रह गई है.

"हमें इतनी आसानी से मौत नहीं होने देनी चाहिए. साफ-सफाई के प्रति उदासीनता मौत को निमंत्रण देना है. जो स्वीकार्य नहीं है."

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