टेप अभी बाकी है

रायपुर | संवाददाता : छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक टेप सामने आ रहे हैं. माना जा रहा है कि यह सिलसिला अभी लंबा चलेगा. कुछ और टेप सामने आयेंगे. इनमें सत्ता पक्ष के लोग भी हो सकते हैं और विपक्षी दल के. कुछ नौकरशाहों के भी टेप सार्वजनिक होने की आशंका में लोग दुबले हुये जा रहे हैं.

सोमवार को जो टेप सार्वजनिक हुआ है, उसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल अंतागढ़ टेप कांड के मुख्य किरदार फिरोज सिद्धीकी को महामंत्री बनाने का प्रलोभन देते सुनाई पड़ रहे हैं. भूपेश बघेल ने स्वीकार भी कर लिया है कि यह बातचीत उन्होंने ही की है. सोमवार को जो टेप सामने आया है, उसकी बातचीत कुछ यूं है-


फिरोज सिद्दीकी– बस भैया, मुझे और मेरे बच्चों को सेफ कर लो
भूपेश बघेल- करेंगे बॉस, आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं: वो मर्द का बच्चा है, इतना कांफिडेंस आप पर है वो बोले दूसरा आदमी पर दांव नही लगाऊंगा पर इस पर.

फिरोज सिद्दीकी– लम्बा कितना है भैय्या देखो ना. दूसरा बात, 15 मिनट हमको ढूंढने में लगा 58 न. ब्लाक. वो तो गनीमत हमारा ड्राइवर जानता था यहां तक ले भी आया.
भूपेश बघेल – आप जो भी निर्णय लिए ठीक लिए क्यों कि यहां नहीं हो पाता. आप 16 तारीख को 2 बजे इंडियन एक्सप्रेस कार्यालय आ जाना. फिरोज सिद्दीकी- ठीक है.

-भूपेश बघेल- वहां देंगे तो सेफर साइड वाला हो गया समझो. वो होगा ब्लास्ट. वही इंडियन एक्सप्रेस, वहां सब बात हो गई है. वो फिर नेशनल मीडिया में आ जाएगा.
-फिरोज सिद्दीकी– मैं टोटल बताया हूं उनको कि ये कांग्रेस का अंदरूनी मामला था. भूपेश बघेल जी को नीचा दिखने की योजना थी कि हम मंतूराम पवार को हटाते हैं तो इनका ग्राफ नीचे गिरेगा, है ना.

-भूपेश बघेल- लेकिन उसको भी कर दो यार, दे दो, हम भी सजेस्ट करेंगे जो तुम्हारे पास विषय है ये है निकल पड़ो वो वाला किसके पास है मेरी बात मानो चिंता मत करो ये मेरे घर का बंदा है.
-फिरोज सिद्दीकी– मैं आप को दे दूंगा आप चिंता मत करो.

-भूपेश बघेल- इंटरव्यू कर के दे दो मुझे, इतना मान के चलो मैं यूज नहीं करूंगा.
-फिरोज सिद्दीकी– मैं आपको बना के दे दूंगा उसको ,अपन तीसरे व्यक्ति पर क्यों भरोसा करें.

-भूपेश बघेल- ठीक है.
-फिरोज सिद्दीकी– मैं आप पर भरोसा कर रहा हूं , फुल.

-भूपेश बघेल- इतना तो समझ गया ना, मैं जो जबान देता हूं तो पूरा करता हूं.
-फिरोज सिद्दीकी– पूछना विनोद भाई को मैंने क्या बोला हूं. 15 साल में और क्षणिक समय में समझ गया हूं मैं दोनों में अंतर समझ गया हूं किस में इंसानियत हैं, किस में नहीं. आज जो आप के सामने बैठा हूं उसका कारण यही है वरना मैं बिलकुल नहीं आता.

-भूपेश बघेल- क्या है, खुदा न खास्ता तुम पर आक्रमण हो गया.
-फिरोज सिद्दीकी– करेगा ये सवाल ही नहीं उठता.

-भूपेश बघेल- वो चीज अपने हाथ में रहना चाहिए.
-फिरोज सिद्दीकी– रहेगा आप के पास, मैं पप्पू को एक और रिकॉर्डिंग दे दूंगा. यदि मुझ पर हमला होता है तो इनकी जवाबदारी है. भैय्या देखो आज के डेट में मेरे बच्चों को आप को देखना है और ये कदापि भूल जाना कि इनके बहकावे में या प्रेशर में आ के कुछ करूंगा.

-भूपेश बघेल – मैं तो बोला रमन सिंह तुम को कुछ भी करेगा जैसे पता चलेगा सबसे पहले तुमको महामंत्री बना के तुम को सेफ कर देंगे.
-फिरोज सिद्दीकी– एक काम करो भैय्या बना ही दो.

-भूपेश बघेल- नहीं अभी बनाऊंगा तो तुम को नुकसान होगा. पप्पू को नहीं बना रहा हूं वैसे तुम को भी नही बनाऊंगा अभी उसमें तुम्हारा नुकसान होगा. जैसे लोगों को पता चलेगा बोलेंगे अच्छा ! लालच में कर रहा था और इससे बुलवाया जा रहा था.

-फिरोज सिद्दीकी– ये तो रिकॉर्डिंग बोल रही है.

-भूपेश बघेल- फिर बोलेंगे क्या कहीं ना कहीं पद के लालच में तुम ने ऐसा किया.

-फिरोज सिद्दीकी– अच्छा स्वार्थवश
-भूपेश बघेल- हां स्वार्थवश. फिर वहा जहां इंटरेस्ट दिखा मीडिया उस हिसाब से वहां स्टोरी खत्म कर देगा. वो तो मैं इसलिए कहा लाइफ सेविंग वाली बात होगी. सरकार आप को गिरफ्तार कर सकती है किसी मामले में पर हत्या नहीं करवा सकती. सरकार तो केवल आपकी गिरफ्तारी करेगी. उस दिन जब खबर आएगी पुलिस तुम को गिरफ्तार करने गई है, उसी क्षण मैं डिक्लेयर करूंगा और पूरी पार्टी को खड़ा कर दूंगा.

उसमें क्या है, बैक डेट में डिक्लेयर कर दूंगा. लेटर पैड तो मेरा है. दस्तखत भी मेरा है और आप को यहां नहीं देखे रहते तो बात अलग. सारे लोग देख चुके हैं . सारे लोग जान चुके हैं. सब बात कर चुके हैं . चर्चा हो गई है.

-फिरोज सिद्दीकी– हां चर्चा हो चुकी है.
-भूपेश बघेल- तो यदि मैं बोल दूंगा उसकी सुरक्षा के लिए किया हूं तो सब मान जाएंगे. पहले करूंगा तो ऐसा लगेगा कि पद के कारण कर रहे हो और मीडिया में मामला कमजोर हो जाएगा.

-फिरोज सिद्दीकी– हां ठीक है. वो आप देखो मेरी सुरक्षा कैसी है.
-भूपेश बघेल- जहां जरूरत पड़ेगी वो सब काम मैं करूंगा. उसकी चिंता आप मत करो लेकिन ये वाला कर के आप मुझे दे देना, मैं तब उपयोग करूंगा जब आपकी और मेरी डील हो जाएगी.

-फिरोज सिद्दीकी– ठीक है
-भूपेश बघेल- उससे पहले नहीं. पहले उसको निष्कासित करूंगा

-फिरोज सिद्दीकी– हां, पहले बाहर निकालो.
-भूपेश बघेल- केवल सुरक्षा के कारण से उसको रखूंगा मैं. समझ लो मेरे पेट में गया फिर कहीं नहीं निकलेगा. जब आपसे मेरी बात हो जाएगी, डील हो जाएगी, तब हम करेंगे.

-फिरोज सिद्दीकी– हाँ ठीक है, बस भैय्या मैं क्या बोला, मेरे को, मेरे बच्चों को सेफ कर लो, फिर जहां खेलना है खेलो आप.
-भूपेश बघेल- वो सब करेंगे बॉस. आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. हम एेसा खेल वो खेलेंगे. लेकिन इसमें सुरक्षा मैंने आप की की है. क्या होगा कि अब तुम मीडिया में आओगे. पूरे नेशनल मीडिया में, तो क्या होगा एक जाना पहचाना चेहरा हो जाओगे.

अब सरकार आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाएगी और करेगी तो ऐ है कि सरकार जानबूझ कर फंसाने का प्रयास कर रही है. पूरा नेशनल मीडिया सरकार के खिलाफ चालू हो जाएगा. आप इस चीज को नहीं समझ रहे हो. पप्पू बोला कि 1 मांग रहा है. मैं बोला 2 दे दो ये इस लिए करवा रहा हूं कि आप की सुरक्षा हो.

-फिरोज सिद्दीकी– हाँ
-भूपेश बघेल- चेहरा टीवी में आपका दिखेगा नेशनल में होगा क्या कि ये आदमी साहस तो किया. फिर पूरा नेशनल मीडिया आपके साथ खड़ा हो जाएगा. फिर किसी सरकार की ताकत नहीं होगी कि आपको कुछ कर सके. भले ही आप अपने परिवार की मांग रहे हो पर मैं ये चाहता हूं पहले आपकी सुरक्षा पहले हो फिर एक एक स्टेप उठाएं.

-फिरोज सिद्दीकी– हां.
-भूपेश बघेल- ये बात को मान लिए कि एक बार आप नेशनल मीडिया में आ गए कोई आदमी आपको खरोंच तो लगा कर दिखाए. भूल जाओ, आप ने जो आज कर दिया वह आपने सबसे बड़ी अपनी सुरक्षा का कम कर लिया. अपने द्वारा, हमारे द्वारा नहीं. अब आप का कोई बाल बांका नहीं कर सकता.

-फिरोज सिद्दीकी– बस देखो भैय्या, आप के ऊपर है. मैं आप को जानता हूं, जैसा उचित समझते हो करो.
-भूपेश बघेल – मैं खड़ा हूं ना ढाल की तरह, मैं खड़ा हूं.

-फिरोज सिद्दीकी– एक बार भरोसा किया हूं, खत्म है बात.
-भूपेश बघेल- बिलकुल, आप को जहां जरूरत पड़ेगी और कुछ हुआ बिलकुल ढाल की तरह मैं खड़ा हूं. मैं तो कह रहा हूं ना पूरी पार्टी खड़ा कर दूंगा.
-फिरोज सिद्दीकी– पता नहीं कहां से पता चल गया. मुझे रोकने की पूरी कोशिश की जा रही हैं. पता नही कहां से हवा लग गई है. कुछ मामला होने वाला है.
-भूपेश बघेल- वो क्या है ना,10 तारीख, 10 तारीख जो दिमाग में घंटी बज रही.

-फिरोज सिद्दीकी– हां जो घंटी बज रही है.
-भूपेश बघेल- आज भी मैं बोल दिया, मैं दिल्ली से लौट के आऊंगा फिर कोई बात करूंगा.

-फिरोज सिद्दीकी -और धुकधुकी बन गई हैं इन लोगों को.
-भूपेश बघेल- हां डरा कर रखना जरूरी है ना.

-फिरोज सिद्दीकी– हां डरा कर रखना जरूरी भी है ना.
-भूपेश बघेल – तो इसको कर के जल्दी दो.

-फिरोज सिद्दीकी– हां वो मैं कर दूंगा, बना के देता हूं.
-भूपेश बघेल- केवल सुरक्षा बस और कुछ नहीं बोलो तो मैं कसम खा लूं.

-फिरोज सिद्दीकी– नहीं नहीं भैय्या. इतना भरोसा आप पर है.

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