छत्तीसगढ़ का ‘तारा’ जिंदल के हवाले

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ का तारा कोल ब्लॉक जिंदल को तथा झारखंड का डुमरी कोल ब्लॉक हिंडाल्कों को मिला है. सरकार द्वारा की गई कोयला ब्लॉकों के ताजा दौर की नीलामी में शनिवार को जिंदल पॉवर और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज एक-एक कोयला ब्लॉक हासिल करने में सफल रहे. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. जिंदल पॉवर ने छत्तीसगढ़ के तारा कोयला ब्लॉक और हिंडाल्को ने झारखंड स्थित डुमरी ब्लॉक की बोली जीत ली है.

तीसरे कोयला ब्लॉक महाराष्ट्र के नेरद-मालेगांव ब्लॉक की बोली हालांकि इंद्रजीत पावर जीतने में सफल रहा.

नेरद मालेगांव कोयला ब्लॉक के लिए इंद्रजीत पावर ने सर्वाधिक 660 रुपये प्रति टन की बोली लगाई.

इसके साथ ही नीलामी के दूसरे दौर में अब तक 20 कोयला ब्लॉकों के लिए 100,000 करोड़ रुपये की बोली लग चुकी है.

बोली समाप्त होने के बाद केंद्रीय कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने ट्वीट किया, “हिंडाल्को ने डुमरी कोयला ब्लॉक के लिए सर्वाधिक 2,127 रुपये प्रति टन और जिंदल पॉवर ने तारा कोयला ब्लॉक के लिए सर्वाधिक 126 रुपये प्रति टन की बोली लगाई.”

नीलामी प्रक्रिया के तहत बोली लगाने वालों को प्रारंभिक वित्तिय बोली लगाने के साथ-साथ तकनीकी ब्यौरा भी देना पड़ता है. ई-नीलामी वाले दिन योग्य पाए गए बोली लगाने वालों को अपनी बोली के बराबर राशि गुप्त रूप से जमा करानी होती है.

नीलामी में एक प्रावधान यह भी है कि आवंटित खदान में खनन योग्य कोयला भंडार अगले 30 वर्षो के दौरान निर्धारित संयंत्र की प्रति वर्ष मांग से 150 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए.

भुगतान के संदर्भ में प्रत्येक ब्लॉक के लिए एक अग्रिम धनराशि निर्धारित की गई है. इस अग्रिम राशि का 50 फीसदी तत्काल भुगतान करना होता है, जबकि खनन का पट्टा लागू होने के बाद 25 फीसदी भुगतान करना होगा.

शेष 25 फीसदी राशि का भुगतान खनन की अनुमति मिलने के बाद करना होगा.

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