नई तहसीलों ने अटकाया ब्लॉक पुनर्गठन

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तहसीलों के पुनर्गठन के फैसले के बाद राज्य में नए ब्लॉकों के गठन का मामला ठंडे बस्ते में चला गया है. बताया जा रहा है कि सितंबर के शुरुआत तक राज्य में नए ब्लॉकों का गठन होना था, लेकिन अब चुनाव के पहले इसके पूरा होने की संभावना नहीं है.

गौरतलब है कि इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव एस.के.मिश्रा की अराज्ययक्षता में एक सदस्यीय राज्य ब्लॉक पुनर्गठन आयोग का गठन भी किया था. मिश्रा आयोग को जून तक इसकी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था, लेकिन पुनर्गठन का काम पूरा नहीं हो पाने के कारण आयोग का कार्यकाल सितंबर माह तक बढ़ाया गया. अब इस आयोग को तहसीलों के पुनर्गठन का भी जिम्मा दे दिया गया है.

बताया गया कि नए आदेश के बाद अब ब्लॉक के साथ-साथ तहसीलों के गठन में विलंब हो सकता है. मिश्रा आयोग ने ब्लॉकों के गठन के लिए सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली थी. रायपुर के अलावा बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा में जनसुनवाई की गई. आम लोगों से आपत्ति-दावे बुलाए गए थे. साथ ही जिला कलेय्टरों से भी सुझाव लिए गए.

सूत्रों के मुताबिक करीब 170 नए ब्लॉकों के गठन के प्रस्ताव मिले हैं. वर्तमान में 159 ब्लॉक हैं, जिन्हें बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है. जनसंख्या को आधार बनाकर नए ब्लॉकों का गठन किया जाना है.

बताया गया कि नए ब्लॉक ग्राम पंचायतों के आधार पर बनाए जाते हैं, जबकि तहसील का गठन पटवारी हल्के के आधार पर किया जाता है. ऐसे में दोनों के साथ-साथ गठन से कुछ गांवों के इधर-उधर हो जाने का अंदेशा है.

सूत्रों के मुताबिक आयोग अब नए सिरे से ब्लॉक के साथ-साथ तहसील के गठन की प्रक्रिया शुरु करेगा. वर्तमान में 148 तहसील हैं. तहसीलों की संख्या भी 200 तक करने की संभावना है.

बिल्हा को तोडक़र नया ब्लॉक बनाए जाने की मांग सामने आई है. इसी तरह क्षेराज्याफल के लिहाज से सबसे बड़ा ब्लॉक कोंटा के भी पुनर्गठन तैयारी है. इसी तरह अभनपुर, मंदिर हसौद और अन्य जिलों से भी तहसील और ब्लॉक के गठन की मांग हो रही है. सितंबर माह में चुनाव आचार संहिता संभावित है. माना जा रहा है कि चुनाव के पहले तहसील और ब्लॉक का गठन मुश्किल है. यह विधानसभा चुनाव निपटने के बाद पूरा हो सकता है.

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