छत्तीसगढ़: तम्बाखू पर लगेगा बैन

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री की माने तो जल्द ही यहां तम्बाखू पर बैन लगने जा रहा है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अजय चन्द्राकर ने विभागीय अधिकारियों को जन-स्वास्थ्य की दृष्टि से तम्बाखू पर प्रतिबंध लगाने के लिए ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं.

उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने तम्बाखू मिश्रित गुटखा और पान मसाला पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है. अब हमारी मंशा है कि व्यापक जनहित में तथा लोगों के स्वास्थ्य की और अधिक बेहतरी के लिए तम्बाखू पर भी प्रतिबंध लगाने के बारे में गंभीरता से विचार किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पूर्व में लगाए गए प्रतिबंध के अनुसार राज्य में कहीं भी तम्बाखू मिश्रित गुटखा और पान मसाला की बिक्री न होने पाएं.


उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में हर साल 9 लाख मौतें तम्बाकू जनित बीमारियों से होती हैं. अपने देश में प्रतिदिन 2200 से अधिक लोग तम्बाकू सेवन के कारण मरते हैं. यानी साढ़े छः सेकेण्ड़ में एक स्मोकर की मौत होती है. मुंह के कैंसर से पीड़ितो में 95 प्रतिशत लोग तम्बाकू सेवन के आदी होते हैं. तम्बाकू सेवन करने वाले लोग अपने हमउम्र से दस वर्ष बड़े लगते हैं. जिनकी मौत भी पहले होती है.

गौरतलब है कि एक रिर्पोट में कहा गया है कि भारत विश्व का पहला ऐसा देश है जहां मुंह का कैंन्सर सबसे अधिक होता हैं. इसमें 90 प्रतिशत ऐेसे लोग होते हैं जिन्होनें अपने जीवन में कभी न कभी और किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन जरूर किया हैं. भारत में प्रतिवर्ष 9 लाख लोगों की मौत बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, गुटका, गुलमंजन, खैनी, मावा तथा सूखी तम्बाकू आदि से होती हैं.

मुंह के कैंन्सर और तम्बाकू के सेवन के बीच के सम्बन्धों का जिक्र करते हुए रिर्पोट कहता हैं कि तम्बाकू चबानें वाले तथा मुह में दबाने वाले लोगों को कैंसर होने की सम्भावना 50 प्रतिषत अधिक रहती हैं इसमें ओंठ,जबान,मसूड़ा तथा गाल के कैंसर प्रमुख हैं.

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