आदिवासी किसान ने की आत्महत्या

रायगढ़ | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के एक आदिवासी किसान ने जबरिया ऋण वसूली से तंग आकर आत्महत्या कर ली है. धरमजयगढ़ के पास के कापू थाना अंतर्गत चटकपुर गांव के आदिवासी किसान ने ट्रैक्टर कंपनी की वसूली से तंग आकर आत्महत्या कर ली. उल्लेखनीय है कि ग्रांव के किसान मुरलीधर राठिया को पहले तो ट्रैक्टर एजेंसी वालों ने घर जाकर ट्रैक्टर पहुंचा दिया, बाद में रकम के लिए परेशान करने लगे. वह किश्त पटा रहा था फिर भी ट्रैक्टर एजेंसी वाले गाहे बगाहे पुलिस को लेकर उसके घर पहुंच जाते थे. हिसाब मांगने पर हिसाब तक नहीं देते थे. बार बार की किच-किच से परेशान मुरली ने जंगल में फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली.

छत्तीसगढ़ के कापू क्षेत्र के भोले भाले गरीब आदिवासी कृषकों को विभिन्न कंपनी की ट्रैक्टर एजेंसी व दलालों द्वारा बहला फुसलाकर पहले तो कम रकम में ट्रैक्टर को उनके घर पहुंचा दिया जाता है. उसके बाद फाइनेंस कराने के नाम पर किश्तों में राशि लेकर किसी कंपनी या बैंक से फाइनेंस कराया जाता है एवं उनकी ऋण पुस्तिका लेकर केसीसी भी कराया जाता है. मृतक की पत्नी सुशीला राठिया ने बताया कि मुरली 24 जुलाई को घर से पत्नी और बच्चों से यह कहकर निकला कि पुलिस वालों को यह मत बताना कि मैं कहां हूं और 29 जुलाई को कोनाझरिया के जंगलों में उसकी लाश लुंगी से लटकी मिली.


गौरतलब है कि मुरलीधर राठिया को एस्कॉर्ट ट्रैक्टर, एजेंसी द्वारा दिया गया था. उसके द्वारा समय पर किस्त अदायगी की जाती थी इसके बावजूद भी दलाल वृंदा यादव, एरिया मैनेजर सत्येंद्र सिंह साथियों के कई बार घर पहुंचकर डरा धमकाकर एवं दबावपूर्वक वसूली कर राशि वसूल ले जाते थे. कई बार मांगने पर हिसाब भी नहीं दिया जाता था. वहीं कापू पुलिस के माध्यम से भी वसूली की जाती थी, जिससे तंग आकर मुरली ने पेड़ से लटककर जान दे दी.

ग्रामीणों व परिजन के अुनसार मुरलीधर राठिया को अपमानित एवं पुलिस के माध्यम से डरा धमकाकर थाने में किश्त वसूल करना नागवार गुजरा.

इसी तरह से चटकपुर के इंजोर साय राठिया एवं जयशरण राठिया ने भी इसी कंपनी का ट्रैक्टर लिया है. साढ़े तीन से चार लाख पटाने के बावजूद भी कृषकों के ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया एवं अभी भी दलाल किश्त लेने आते हैं. क्षेत्र के जनपद सदस्य संतोष गुप्ता व विधायक प्रतिनिधि सत्यदेव गुप्ता द्वारा दोषी व्यक्तियों पर प्रताड़ना की धारा एवं अजजा अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्घ कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

वहीं, यूएसबी चौहान, एएसपी ने कहा, “मृतक ने दो वर्ष पूर्व ट्रैक्टर खरीदा था, वह उसकी किश्त पटाने को लेकर परेशान था. इस वह बीच 24 जुलाई को घर से निकला और 29 जुलाई को उसकी लाश जंगल में मिली. हमारे पास मृतक के परिजन द्वारा ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई है, जिसमें एजेंट के प्रताड़ना की बात हो.”

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