छत्तीसगढ़: अवैध खनन का मामला उठा

रायपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को अवैध रेत खनन का मामला गूंजा. विधानसभा में गुरुवार को रायपुर जिले के ग्राम टीला, पारागांव, कोलियारी, लखना, चंपारण कुम्हारी एवं गौरभाट में महानदी में रेत के अवैध खनन का मामला गूंजा. अभनपुर के विधायक धनेंद्र साहू ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि टीला, पारागांव, कोलियारी, लखना, चंपारण कुम्हारी एवं गौरभाट में महानदी से वर्ष 2015 में रेत खनन के लिए कितनी मात्रा में पीट पास कितने-कितने घन मीटर मात्रा के लिए खनिज विभाग द्वारा जारी किया गया? वास्तविक खनन और ढोई गई मात्रा का स्थल परीक्षण कर सत्यापन किस अधिकारी द्वारा कब किया गया तथा सत्यापन के बाद वास्तविक खनन किए गए रेत की मात्रा तथा वास्तविक रायल्टी पटाई मात्रा की जानकारी दें.

जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बताया कि रायपुर जिले की ग्राम टीला, पारागांव, कोलियारी, लखना, चंपारण, कुम्हारी एवं गौरभाट में महानदी स्थित रेत खदानों के लिए वर्ष 2015 में त्रि-स्तरीय पंचायतों द्वारा जारी अभिवहन पास में वाहन क्षमता के अनुसार, मात्रा संबंधित ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत द्वारा दर्ज की जाती है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम टीला में खनिज विभाग द्वारा 4000 ग्राम पंचायत द्वारा 3500 अभिवहन पास 30708 घन मीटर रेत खनन के लिए जारी किए गए. इससे पंचायत को 6,14,160 रुपये की रायल्टी मिली है. वहीं ग्राम पारांगाव में खनिज विभाग द्वारा 2400, जपं अभनपुर द्वारा 2300 अभिवहन पास 18953 घन मीटर रेत खनन के लिए जारी किए गए. इससे जपं को 3,79,060 रुपये रायल्टी मिली. ग्राम कोलियारी में खनिज विभाग द्वारा 698, जपं द्वारा 909 पास 6342 घन मीटर के लिए जारी किए गए. इससे 1,26,840 रुपये रॉयल्टी मिली.

मुख्यमंत्री ने बताया कि रेत खदानों में रेत खनन के बाद पुन: भराव होने की प्रक्रिया के कारण खदान क्षेत्र से खनित मात्रा का सत्यापन एवं आकलन नहीं किया जाता है.

उन्होंने कहा कि रेत के अवैध खनन के मामले में 379 प्रकरण बनाए हैं. 14 पर निलंबन की कार्रवाई की गई है. 600 लाख की राशि वसूली की गई है.

इस पर धनेंद्र साहू ने पूछा कि क्या आगे भी कार्रवाई की जाएगी? आरंग क्षेत्र में क्या व्यवस्था है, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आरंग में भी ऐसे प्रकरण आने पर सीधे तौर पर कार्रवाई की जाएगी.


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