छत्तीसगढ़ दूर करेगा तेलंगाना का अंधेरा

रायपुर | एजेंसी: तेलंगाना ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के साथ 1,000 मेगावाट बिजली खरीदने के एमओयू पर हस्ताक्षर किए. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए. राव ने तेलंगाना को बिजली बेचने के लिए तैयार होने के लिए सिंह को धन्यवाद दिया. राव ने कहा कि इससे उनके राज्य में छाया बिजली संकट दूर होगा.

तेलंगाना में बिजली किल्लत से कृषि और उद्योग प्रभावित हो रहा है. राव राज्य में छाए बिजली संकट के लिए पड़ोसी आंध्र प्रदेश को गुनाहगार ठहराते हैं. उनके मुताबिक आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत आंध्र बिजली में 54 फीसदी हिस्सेदारी नहीं दे रहा है. उन्होंने साथ ही कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू कृष्णा नदी पर श्रीसैलम में बिजली उत्पादन करने में बाधा खड़ी कर रहे हैं.


वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि हमारे यहां सरप्लस बिजली है और नये तेलांगाना राज्य सहित सभी पड़ोसी राज्यों को उनकी जरूरतों के हिसाब से बिजली की आपूर्ति करना हमारी प्राथमिकता होगी. डॉ. रमन सिंह ने सोमवार दोपहर राजधानी रायपुर में तेलांगाना के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव की उपस्थिति में दोनों राज्यों के बीच हुए एमओयू के अवसर पर यह बात कही. इस एमओयू के तहत छत्तीसगढ़ अपने नये पड़ोसी राज्य तेलांगाना को एक हजार मेगावाट बिजली निर्धारित मूल्य पर बेचेगा. डॉ. रमन सिंह ने इस एमओयू को दोनों राज्यों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि तेलांगाना को बिजली देने के लिए नई ट्रांसमिशन ग्रिड बनाने के लिए मैंने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री पियूष गोयल को पत्र लिखा है. इसके अलावा हम तेलांगाना को बिजली आपूर्ति के लिए अन्य ट्रांसमिशन लाइनों का भी उपयोग करेंगे. डॉ. रमन सिंह ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की मड़वा ताप बिजली परियोजना का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसमें मार्च 2015 से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है. तेलांगाना को हम इस परियोजना से बिजली देंगे.

इस अवसर पर तेलांगाना के मुख्यमंत्री ने अपने राज्य को बिजली देने के निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और छत्तीसगढ़ वासियों के प्रति तेलांगाना की जनता और वहां की सरकार की ओर से आभार प्रकट किया. श्री चन्द्रशेखर राव ने कहा कि इस बिजली के लिए मैंने डॉ. रमन सिंह से व्यक्तिगत तौर पर आग्रह किया था, जिसे उन्होंने सहृदयता पूर्वक स्वीकार किया.

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