थ्री स्टार होटलों को ही बार लाइसेंस

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में तीन सितारा होटल को ही बार लाइसेंस दिये जायेंगे. शुक्रवार को छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय हुआ है कि अब से बार लाइसेंस तीन सितारा होटलों तथा उसके उपर के होटलों को ही बार लाइसेंस दिया जायेगा. सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल में पेश प्रस्ताव के अनुसार केवल पांच सितारा होटलों को ही बार लाइसेंस देने का प्रस्ताव था परन्तु मंत्रियों के विरोध के चलते इसे तीन सितारा होटलों को भी देने का निर्णय हुआ है. इस विषय पर मंत्रिमंडल में गर्मागर्म चर्चाओं की भी खबरें हैं.

वर्तमान में जो बार चालू हैं, उनके लाइसेंस की प्रक्रिया यथावत रहेगी. वित्तीय वर्ष 2016-17 में आबकारी ड्यूटी में वृद्धि का प्रस्ताव है, जिससे पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक अर्थात 3337.79 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है.

बैठक में आबकारी नीति 2016-17 का भी अनुमोदन किया गया. वित्तीय वर्ष 2016-17 में दुकानों की संख्यां में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है. पूर्व वर्षों की तरह मदिरा दुकानों के आबंटन के लिए ऑन लाईन आवेदन मंगाए जाएंगे और सभी जिलों में कम्प्यूटर कि माध्यम से लॉटरी निकालकर दुकानों का आबंटन किया जाएगा. भविष्य में केवल तीन सितारा होटल और उसके उपर के होटलों को ही बार लाइसेंस नियमानुसार जारी किए जाएंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद बैठक में पीडीएस के हितग्राहियों को माह मार्च 2016 और अप्रैल 2016 अर्थात् दो माह का राशन एक साथ देने का निर्णय लिया गया. खरीफ वर्ष 2015-16 में समर्थन मूल्य के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा भारतीय स्टेट बैंक से ली गई राशि 1000 करोड़ रूपए की साख सीमा के लिए राज्य शासन के द्वारा दी गई गारंटी प्रत्याभूति शुल्क 0.5 प्रतिशत के साथ 28 दिसम्बर 2016 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया.

ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर बैठक में भारत सरकार की उदय योजना का अनुमोदन किया गया. इस योजना के तहत केन्द्र सरकार ने कोयले की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके अन्तर्गत कोल इंडिया लिमिटेड अक्टूबर 2016 से धुले हुए कोयले तथा एक अप्रैल 2016 से क्रश्ड कोयले की आपूर्ति स्टेट सेक्टर के विद्युत उत्पादन संयंत्रों में करेगी.

आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रस्ताव पर बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार नया रायपुर में गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सुविधाओं के विकास तथा रोजगार मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निजी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से रियायती दर पर भूमि उपलब्ध करायी जाएगी. इसके लिए योजना बनाई गई है.

इस योजना के दायरे में मल्टी सुपर स्पेशिलियटी अस्पताल, इंटरनेशनल स्कूल, प्रदूषण रहित पर्यावरण हितैषी उद्योग, मनोरंजन पार्क, गोल्फ कोर्स, वेयर हाउस, फिल्म सिटी इत्यादि को शामिल किया गया है.

मंत्रिपरिषद में शुक्रवार की बैठक में राज्य में अतिरिक्त नई रेल लाइन के विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ सरकार, रेल मंत्रालय और भारत सरकार के बीच संयुक्त उपक्रम कम्पनी बनाने का निर्णय लिया गया. इस कम्पनी के गठन के लिए रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य और उद्योग विभाग के बीच एम.ओ.यू. किया जाएगा. एम.ओ.यू. के तहत गठित की जाने वाली कम्पनी में छत्तीसगढ़ सरकार का अंश 51 प्रतिशत और रेल मंत्रालय का अंश 49 प्रतिशत होगा.

प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम के माध्यम से वायबल रेल परियोजनाओं को चिन्हांकित कर उन पर अमल किया जाएगा. छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में 1187 रूट किमी रेल लाईन नेटवर्क है. राज्य में रेल घनत्व राष्ट्रीय औसत के आधे से भी कम है.

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के प्रयासों से दल्लीराजहरा-रावघाट 95 किमी, ईस्ट व ईस्ट-वेस्ट कॉरीडोर 311 किमी तथा रावघाट-जगदलपुर 140 किमी रेल्वे लाईन कुल 546 किमी रेल लाईन का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

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