कोयला संकट के लिये भाजपा जिम्मेवार

रायपुर | संवाददाता: कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ में कोयला संकट के लिये भाजपा को जिम्मेवार ठहराया है. पार्टी के प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि इसके लिये छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा 10 वर्षो में ऊर्जा एवं खनन मंत्री के रूप में अपनायी गयी गलत नीतियां और बड़ी-बड़ी गड़बडि़यां जिम्मेदार हैं.

कांग्रेस नेता शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा है छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्योगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिये दिये गये भटगांव कोल ब्लाक को भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के सहयोगी अजय संचेती की फर्म एसएमएस को सौपकर भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ की कोयला जरूरतों को अनदेखी किया गया.


शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनी को विद्युत उत्पादन आवश्यकता की पूर्ति के लिये आबंटित परसा ब्लाक कोल माईंस को भाजपा सरकार ने अदानी समूह को पिछले दरवाजे से सौप दिया, खनिज मंत्री रमन सिंह की इसी बंदरबांट और चहेतों को उपकृत करने की नीति के कारण प्रदेश के बिजली संयंत्रों के सामने कोयले का गंभीर संकट पैदा हो गया है. राज्य के अपने कोटे का कोल ब्लाक यदि राज्य की ऊर्जा उत्पादन कंपनियों के पास होता तो राज्य के सामने यह संकट नहीं पैदा होता.

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जब एनडीए की सरकार 1998 में सत्ता में आयी थी तब कोयले का उत्पादन 306.5 टन था, जो 5 वर्षों तक एनडीए की सरकार रहने के बाद घट कर 249.87 मिलियन टन हो गया था. यूपीए की सरकार में कोयले का उत्पादन लगभग दुगुना बढ़कर 492 टन हुआ जो यूपीए की सरकार में 2013-14 में बढ़कर 565 टन हो गया. उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कोयला मंत्री द्वारा इस बारे में दिये जा रहे आंकड़े गलत एवं भ्रामक है.

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के समय विपक्ष की छत्तीसगढ़, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की राज्य सरकारों ने न केवल केन्द्र सरकर के द्वारा कोयला आबंटन में रोड़े अटकाये, बल्कि बड़ी-बड़ी गड़बडि़यां भी की जिसका परिणाम आज छत्तीसगढ़ और पूरा देश भुगत रहा है.

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