दिल्ली में कांग्रेस-आप की सरकार ?

नई दिल्ली | संवाददाता: खबरों के अनुसार कांग्रेस-आप के विधायक मिले. लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद आप ने दिल्ली में सरकार बनाने के लिये फिर से कोशिश शुरु कर दी है. एक आंग्ल दैनिक की खबरों के अनुसार आप के एक वरिष्ठ सदस्य ने कांग्रेंस के विधायको से अपने आलाकमान को इसके लिये राजी करने के लिये कहा है. आप के एक नेता ने अखबार से कहा, “कांग्रेस को डर है कि उसका वोट शेयर और नीचे जा सकता है. वहीं अगर फिर से चुनाव होते हैं तो आप के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि मात्र 7 महीने के अंदर तीसरा चुनाव लड़ा जाए.”

गौर करने लायक बात यह है कि हाल के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने दिल्ली के सभी 7 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की है तथा आप दूसरे नंबर पर रही है. लोकसभा चुनाव में आप को देशभर में केवल 4 ही सीटें मिल पाई हैं. इससे आप के अंदर अब मंथन चल रहा है कि फिर से दिल्ली की खोई हुई जमीन को प्राप्त किया जाये. आप की ताजा रणनीति यही है कि किसी तरह से कांग्रेस के साथ मिलकर दिल्ली विधानसभा में सरकार बना ली जाये.


2013 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली के 70 सदस्यों वाले विधानसभा में भाजपा गठबंधन को 32 आप को 28, कांग्रेस को 8 तथा जदयू को 2 सीटें मिली थी. उस समय आप ने ऐसा कदम उठाया कि कांग्रेस उसे सरकार बनाने के लिये समर्थन देने को बाध्य हो गई थी. आप ने भाजपा तथा कांग्रेस को समर्थन देने से मना कर दिया था. ऐसे में सबसे ज्यादा सीट जीतने वाली भाजपा गठबंधन को विपक्ष में बैठना पड़ा था.

लेकिन 49 दिन सरकार चलाने के बाद आप की सरकार ने जनलोकपाल के मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया. लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार से आप तथा कांग्रेस दोनों पार्टियां सकते में हैं. आप का एक धड़ा चाहता है कि कांग्रेस के समर्थन से फिर से सरकार बनाने की कोशिश की जानी चाहिये. पार्टी नेता ने बताया, “कुछ नेता चाहते हैं हम फिर से सरकार बनाएं. इस संबंध में कांग्रेस नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत हो रही है. अब कांग्रेस हमें समर्थन देगी या फिर उनके विधायक दल के कुछ नेता टूटकर हमारे साथ आएंगे, यह तो आने वाला समय ही बताएगा.”

जाहिर है कि इस तरह की कोशिश परवान चढ़ सकती है क्योंकि कांग्रेस तथा आप दोनों को मालूम है कि वर्तमान स्थिति में यदि दिल्ली विधानसभा के लिये फिर से चुनाव होते हैं तो भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार हैं.

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