संविधान संशोधन के वक्त मोदी गायब: कांग्रेस

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: जीएसटी विधेयक जब पेश किया गया तब संसद के दोनों सदनों में से किसी में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नहीं होने पर कांग्रेस ने गुरुवार को निशाना साधा. कांग्रेस ने कहा कि स्वतंत्र भारत में यह पहला अवसर है जब प्रधानमंत्री के मौजूद रहे बिना संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई, बहस हुई और विधेयक पारित हुआ.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यहां मीडिया से कहा, “पिछले 66 वर्षो में पहली बार ऐसा हुआ जब संविधान संशोधन विधेयक पर बहस हुई और प्रधानमंत्री लापता रहे.”

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि संसद प्रधानमंत्री मुक्त हो गया है. उन्होंने आगे कहा कि यह अभूतपूर्व है और मोदी इस कानून के पक्ष में थे इसे लेकर इसने संदेह पैदा कर दिया है.”

रमेश ने कहा कि मोदी तब लोकसभा में भी नहीं थे जब इस विधेयक पर वहां बहस हुई और वह फिर बुधवार को राज्यसभा से भी लापता थे जब इस विधेयक पर चर्चा हुई, बहस हुई और विधेयक उच्च सदन से पारित हुआ.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने जीएसटी विधेयक पर बुधवार की बहस और मतदान को ऐतिहासिक बताया और सरकार व मुख्य विपक्ष इस विधेयक को सौहार्दपूर्ण माहौल में पारित कराने के लिए अपने पूर्व के रुख से हटे.

उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि यह सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहेगा और सभी विपक्षी दलों ने जैसी मांग की है सरकार सीजीएसटी और आईजीएसटी को धन विधेयकों के रूप में नहीं पेश करेगी.”

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार उद्योगों एवं राज्यों के अनुकूल जीएसटी व्यवस्था चाहती है लेकिन कांग्रेस इसे आम आदमी के लिए चाहती है.

उन्होंने इसका कारण बताया कि जब कर कम रहेंगे तो अधिक से अधिक लोग इसका भुगतान करेंगे और इस तरह कुल संग्रह बढ़ जाएगा.

रमेश ने कहा कि वह जीएसटी को लेकर बहुत सारे भ्रम की उम्मीद करते हैं लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका सकारात्मक प्रभाव है.

उन्होंने आगे कहा, “यह जीएसटी दोष युक्त है और इसे अच्छा बनाने के लिए बहुत कुछ किया जाना है.

रमेश ने इस बात पर खुशी भी जताई कि कांग्रेस की बहुत सारी मांगें सरकार ने पूरी कर दीं.

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