कर्नाटक में मुरझाया कमल

बेंगलुरु:कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस स्पष्ट बहुमत की ओर अग्रसर है और भाजपा को विपक्ष से ही संतोष करना होगा. प्रधानमंत्री पद के लिए अपने अघोषित उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार में झोंकने के बावजूद कर्नाटक में कमल मुरझा गया है. अभी तक 223 विधानसभा क्षेत्रो के रुझानों के अनुसार कांग्रेस 120 सीटो में आगे चल रही है जो कि सरकार बनाने के लिए जरूरी 113 सीटों के आंकड़े से ज्यादा है.

इससे ये लगभग स्पष्ट हो गया है कि राज्य में कांग्रेस सात वर्षों के बाद सरकार का गठन करने जा रही है. अब तक 159 सीटों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं जिसमें भी कांग्रेस 86 सीटों पर जीत गई है जबकि राज्य में सत्तारूढ़ रही भाजपा को 50 से कम सीटों से ही संतोष करना होगा. राज्य की दूसरी विपक्षी पार्टी जनता दल (एस) को भी 39 सीटो से संतोष करना पड़ रहा है. पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष कुमार स्वामी ने हार स्वीकारते हुए कहा है कि हम विपक्ष में बैठेंगे.


भाजपा ने हार को स्वीकार करते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा का पार्टी से अलग होना हार का बड़ा कारण रहा है. गौरतलब है कि येदियुरप्पा ने भाजपा से अलग हो कर कर्नाटक जनता पार्टी का गठन किया था और चुनाव में उतरे थे. भले ही येदियुरप्पा की पार्टी चुनावों में ज्यादा सीट नहीं जुगाड़ पाई लेकिन उसने भाजपा के वोट जरूर काटे जिसका स्पष्ट फायदा कांग्रेस को हुआ.

कांग्रेस ने इसे अपनी नीतियों की जीत बताया है तथा टिप्पणी की है कि भाजपा का असली चेहरा सामनें आ गया है. चुनावों के परिणामों के साथ ही पार्टी में मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवारों के नाम सामने आने लगे हैं जिसमें पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली, मल्लिकार्जुन खरगे, जी परमेश्वर और सिद्धरमैया के नाम प्रमुख हैं.

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