कांग्रेस का ‘जमीन वापसी आंदोलन’

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: कांग्रेस ने मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश का विरोध करने के लिये ‘जमीन वापसी आंदोलन’ शुरु किया. भूमि अधिग्रहण अध्यादेश का विरोध करने के लिये दिल्ली के जंतर-मंतर पर कांग्रेस का धरना आयोजित किया गया था जिसमें राज बब्बर तथा दिग्विजय सिंह ने भी भाग लिया. इस सभा में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि वह कॉरपोरेट घरानों के लिए काम रहे हैं और हर भारतीय के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा करने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने में विफल रहे हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि यह अध्यादेश कारोबारी घरानों के खजाने भरने का एक प्रयास भर है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अध्यादेश के खिलाफ पार्टी द्वारा जंतर मंतर पर आयोजित ‘जमीन वापसी आंदोलन’ के दौरान कहा, “हर भारतीय के खाते में 15 लाख रुपये जमा करने के वादे को पूरा करने में मोदी सरकार विफल रही है. भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के सहारे सरकार कॉरपोरेट घरानों का खजाना भरने की तैयारी कर रही है.”

दिग्विजय ने यहां किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ लोगों का विरोध-प्रदर्शन किसानों व मजदूरों तथा बड़े कॉरपोरेट घरानों के बीच एक लड़ाई का प्रतीक है और अब यह जनता पर निर्भर करता है कि वह किस तरफ हैं.

उन्होंने कहा, “लड़ाई में एक तरफ किसान व मजदूर हैं, तो दूसरी तरफ बड़े कॉरपोरेट घराने. अब यह जनता पर निर्भर करता है कि वह किसका समर्थन करती है.”

दूसरी तरफ, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर चौतरफा विरोध का सामना कर रही केंद्र सरकार ने अध्यादेश का बचाव करते हुए बुधवार को कहा कि यह किसानों के अनुकूल है और सुझावों पर ध्यान देने के लिए वह तैयार है, वहीं शिवसेना के बाद अब लोक जनशक्ति पार्टी ने भी विधेयक का विरोध किया है. शिव सेना के बाद लोक जनशक्ति पार्टी ने बुधवार को कहा कि उसे विधेयक को लेकर शंका है.


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