भ्रष्टाचार बन रहा चुनावी मुद्दा

भोपाल | एजेंसी: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी मतदाताओं को रिझाकर वोट हासिल करने के लिए मुद्दों को हवा देने में लगे हैं. फिलहाल दोनों दल चुनावी मुद्दे के रूप में भ्रष्टाचार को उठा रहे हैं.

राज्य में 25 नवंबर को मतदान होना है. कांग्रेस व भाजपा मतदाताओं को अपनी ओर करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं. बीते 10 वर्षो से सत्ता से बाहर रही कांग्रेस सत्ता में वापसी चाहती है, वहीं भाजपा जीत की हैट्रिक लगाने का मौका नहीं गंवाना चाहती. इसके लिए दोनों दलों ने सारे दाव पेंच आजमाने शुरू कर दिए हैं.


भाजपा द्वारा जारी विज्ञापनों पर गौर किया जाए तो वे पूरी तरह केंद्र की कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के पिछले दो कार्यकाल में हुए घपलों-घोटालों से भरे पड़े हैं. इन विज्ञापनों में 2जी घोटाले से लेकर पनडुब्बी, कोयला और आदर्श घोटाले तक का जोर है.

भाजपा के मीडिया प्रभारी डा. हितेश वाजपेयी कहते हैं कि भाजपा की ओर से चरणबद्घ विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं. पहली श्रंखला में भ्रष्टाचार है तो आगे और भी मुद्दे आएंगे. उनका कहना है कि भाजपा का सुशासन है तो केंद्र का भ्रष्टाचार है.

वहीं, कांग्रेस की ओर से जारी किए जा रहे विज्ञापनों में राज्य सरकार के घोटालों का बोलबाला है. कांग्रेस खदान और डंपर घोटालों के जरिए भाजपा सरकार पर प्रहार कर रही है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का कहना है कि राज्य सरकार का कुशासन और भ्रष्टाचार ही चुनाव में मुख्य मुद्दा रहने वाला है.

भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर खुलकर प्रहार करने की तैयारी में हैं और अभी बात भ्रष्टाचार और घपलों-घोटालों पर टिकी है. आरोपों का यह सिलसिला आगे कहां जाकर रुकेगा, कोई नहीं जानता.

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