महिलाओं की हिफाजत करेगा साइबर डिवाइस

नई दिल्ली | एजेंसी: यौन शोषण और अन्य हिंसक घटनाओं से बचने के लिए अब महिलाओं को मिर्च के पाउडर का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है. केरल में युवा साइबर सुरक्षा पेशेवरों ने अब एक अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण का ईजाद किया गया है और इसे नाम दिया गया है अमृता निजी सुरक्षा प्रणाली यानी अमृता पर्सनल सेफ्टी सिस्टम. कोल्लम स्थित अमृता विश्वविद्यालय के साइबर सुरक्षा प्रणाली एवं नेटवर्क केंद्र की निदेशक डॉ. कृष्णाश्री अच्युतन ने कहा, “एपीएसएस दिखाई नहीं देने वाला, पहनने योग्य और आसानी से चलाए जाने वाला इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसकी मदद से संकट के समय में लड़कियों और महिलाओं को परिवार और पुलिस के साथ बातचीत करने में मदद मिलेगी.

उन्होंने बताया कि इस डिवाइस को अपराधी नहीं देख पाएंगे और इस कारण उपयोगकर्ता इसे कई विकल्पों के साथ आसानी से गुप्त और सुरक्षित ढंग से घटना या इसकी आशंका के बारे में अपने परिजनों या पुलिस को तुरंत सूचना दे सकती हैं.”

हाल ही में दिल्ली आए डॉ. अच्युतन ने बताया, “एक बटन को दबाने या एसएमएस और वॉयस कॉल के इस्तेमाल से तुरंत कई जगहों पर बातचीत और संवाद कायम करने और उसे रिकार्ड करने की क्षमता के साथ यह डिवाइस पीड़ित के नजदीकी पुलिस स्टेशन, अस्पताल और फायर स्टेशन में भी स्वचालित सूचना प्रदान करता है ताकि उसे तत्काल मदद मिल सके.”

साइबर सुरक्षा अमृता केंद्र यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि इस उपकरण को सुरक्षित रूप से एक बाली या एक अंगूठी में फिट किया जा सके.

उन्होंने कहा, “हम इसे इस प्रकार डिजाइन कर रहे हैं ताकि यह सस्ती और सबकी पहुंच में हो. इस डिवाइस को जल्द ही ऐसी प्रौद्योगिकी से लैस किया जाएगा जिससे घटनाओं की वीडियो टेपिंग की जा सके.”

एपीएसएस की एक अलग विशेषता यह है कि यह वैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्य कर सकता हैं जहां संचार की गति बहुत कम है. यह कम से कम बिजली खपत के साथ घर के अंदर और बाहर कार्य कर सकता है.

29 अमेरिकी पेटेंट की लेखिका डॉ. अच्युतन ने कहा, “इस अनुकूलन डिवाइस की डिजाइन इस प्रकार की गई है जिससे इसे पहनना सुविधाजनक है, और यह महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित 15 से अधिक सुविधाओं से लैस है.”

गौरतलब है कि इसे कई कार्यात्मकता के साथ मानसिक रूप से विकलांग लोगों के लिए एक सुरक्षा उपकरण के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जो इसकी मदद से जल्द अपने निवास की पहचान कर सकते हैं.

केंद्र की निदेशक ने कहा कि शोधकर्ताओं की उनकी टीम विश्व भर में अपने भक्तों के द्वारा ‘अम्मा’ के नाम से विख्यात अमृता विश्वविद्यालय की कुलपति माता अमृतानंदमयी देवी से प्रेरित थी. माता अमृतानंदमयी ने ही उन्हें ऐसा डिवाइस विकसित करने का निर्देश दिया.

एपीएसएस प्रोटोटाइप का अमृतावर्षम्-60 समारोह के दौरान औपचारिक रूप से अनावरण किया जाएगा. इस समारोह का आयोजन माता अमृतानंदमयी देवी के 60वें जन्मदिन के अवसर पर किया जाएगा. यह समारोह केरल में 26 व 27 सितंबर को होगा.

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