बच्चे की मौत पर भड़के केजरीवाल

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: रेलवे के कारण केन्द्र तथा केजरीवाल फिर आमने-सामने आ गये हैं. रेलवे ने अतिक्रमण का हवाला देते हुये दिल्ली में इस ठंड में 500 झुग्गियों को तोड़ डाला. आम आदमी पार्टी तथा सीपीएम ने आरोप लगाया है कि इस अतिक्रमण हटाने की जद्दोजहद में एक दूधमुंहे बच्चे की मौत हो गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अदालत ने दिल्ली में अमीरों तथा राजनीतिज्ञो की संपत्तियां को अतिक्रमण हटाने के लिये तोड़ने का आदेश दे दिया है परन्तु उस पर कभी अमल नहीं होता है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए गए अभियान के कारण जहां सैकड़ों की संख्या में झुग्गीवासी बेघर हो गए, वहीं इस दौरान एक छह माह की बच्ची की मौत हो गई है. पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बीच शनिवार को ढहाई गई 500 झुग्गियों के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराया है.


अरविंद ने ट्वीट किया, “इतनी सर्दी में सैकड़ों गरीब पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को खुले में ठिठुरने के लिए छोड़ दिया गया है. एक बच्ची की मौत हो गई. ईश्वर उन्हें कभी माफ नहीं करेगा.”

दिल्ली सरकार ने कहा है कि झुग्गी बस्ती को ढहाया जाना अदालत के आदेश का उल्लंघन है और सूचित किए बगैर यह सब किया गया.

अरविंद ने रविवार तड़के दो बजे अतिक्रमण स्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान राहत-व्यवस्था न करने के लिए दो परगना अधिकारियों और एक एसई को निलंबित कर दिया.

केजरीवाल से मुलाकात करने वाले रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि अतिक्रमित भूमि को इसलिए खाली कराया गया, क्योंकि नई लाइन बिछाने का काम प्रभावित हो रहा था और उन्हें इसके लिए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण से आदेश मिला हुआ है.

मंडल रेल प्रबंधक अरुण अरोड़ा ने कहा कि बच्चे की मौत अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किए जाने से काफी पहले हो चुकी थी.

घटना स्थल से लौटकर अरविंद ने ट्वीट किया, “अतिक्रमण स्थल से लौटा हूं. हृदय विदारक दृश्य था. हमारे अपने ही देश के लोग भला कैसे अपने ही देश के गरीबों के साथ ऐसा कर सकते हैं?”

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने कहा, “अधिकारी बिना सोचे-समझे भला इस तरह कैसे झुग्गियां ढहा सकते हैं, जिससे एक बच्चे की मौत हो गई और झुग्गिवासियों को सर्द रात में खुले आकाश तले रहने को मजबूर होना पड़ा है.”

मृत बच्ची की दादी रुबिया खातून ने बताया कि वे जल्दबाजी में झुग्गी खाली कर रहे थे, तभी कोई भारी चीज बच्ची पर गिर पड़ी.

उन्होंने कहा, “हमें जगह खाली करने के लिए कहा गया..बच्चे सो रहे थे. जल्दबाजी के चक्कर में बच्ची पर कुछ गिर गया. हम उसे अस्पताल ले गए, लेकिन वह बच नहीं सकी.”

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि झुग्गियां रेलवे की भूमि पर अवैध तरीके से बनाई गई थीं और नई रेल पटरी बिछाने के लिए झुग्गी बस्ती में रहने वालों को वहां से हटने के लिए कह दिया गया था.

अरोड़ा ने बताया, “दिल्ली में ही रेलवे की भूमि पर 47,000 अतिक्रमण के मामले हैं और उनकी वजह से रेलवे संचालन में गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं.”

अरोड़ा ने आगे कहा, “22,000 अतिक्रमण के मामले तो सुरक्षित क्षेत्रों में हैं, मतलब रेल पटरी के दोनों ओर 15 मीटर दूर. स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस परिक्षेत्र में कोई भी अनधिकृत निर्माण नहीं होना चाहिए.”

झुग्गी बस्ती में रहने वाले एक नागरिक मोहम्मद कुद्दुस ने कहा कि वह यहां 1983 से रह रहे हैं और इस दौरान कई बार झुग्गियां हटाई गईं.

कुद्दुस ने बताया कि जगह खाली करने का आदेश उन्हें एक दिन पहले शाम को मिला.

केजरीवाल ने कहा कि जब उन्होंने रेल मंत्री सुरेश प्रभु से इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें “इस अभियान के बारे में कुछ भी नहीं पता नहीं है.” उन्होंने भी हैरानी जताई.

केजरीवाल ने कहा कि अदालत ने दिल्ली में कुछ अमीर लोगों और राजनीतिज्ञों की संपत्तियों को ढहाने का आदेश दिया है, लेकिन उन आदेशों का कभी पालन नहीं किया गया.

आम आदमी पार्टी ने झुग्गियां ढहाने के लिए भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है. भाजपा और कांग्रेस ने हालांकि केजरीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें झुग्गियां ढहाने से पहले कदम उठाना चाहिए था, न कि बाद में.

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