दिल्ली के रण में उतरे महारथी

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: रविवार को दिल्ली चुनाव के प्रचार में प्रधानमंत्री मोदी, केजरीवाल तथा सोनिया गांधी ने सभाएं की. जाहिर है कि अब दिल्ली के रण में सभी महारथी शंखनाद के साथ रण में उतर चुके हैं. दिल्ली में क्या होगा इस पर अभी केवल कयास ही लगाये जा सकते हैं. यदि तर्क के आधार पर देखा जाये तो 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 31 तथा आप को 28 सीटें मिली थी. उसके बाद 2014 में दिल्ली में भाजपा की सरकार स्थापित हो चुकी है तथा प्रदानमंत्री मोदी ने अपने विदेश नीति के मोर्चे पर कई झंडे गाड़े हैं. इस आधार पर दिल्ली में भाजपा को पहले की तुलना में ज्यादा सीटें मिलनी चाहिये. दूसरा यदि 2014 के लोकसभा चुनाव के आकड़ों के आधार पर गणना की जाये तो भाजपा 70 में से करीब 60 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही थी. इससे ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा ने 2013 की तुलना में बढ़त बना ली है. इस लिहाज से भाजपा की सरकार बनना तय है.

तीसरे तरीके से यदि देखा जाये तो केन्द्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से न तो महंगाई घटी है और न ही नौकरी के नये अवसर पैदा हुए है. यदि फायदा हुआ है तो कुछ चुनिंदा घरानों को ही हुआ है. यदि यह बात आप दिल्ली वासियों को समझाने में सफल हो जाती है तो आप सबसे बड़ी पार्टी दिल्ली विधानसभा में बन सकती है. यदि चौथे तरीके से देखा जाये तो भाजपा के किरण बेदी की तुलना में अरविंद केजरीवाल की छवि बेहतर है तथा सर्वे भई इस बात की ताकीद कर रहें हैं कि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्रई के रूप में बेहतर रहेंगे. कुल मिलाकर दिल्ली से धुंध अभी छंटा नहीं है इस बीच तीनों प्रमुख पार्टियों ने धुआधार प्रचार शुरु कर दिया है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के तहत सात फरवरी को होने वाले मतदान से पहले आखिरी रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जमकर चुनाव प्रचार किया और एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए. पश्चिम दिल्ली के द्वारका में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मोदी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में एक ऐसे प्रशासन की जरूरत है, जो केंद्र सरकार के साथ मिलजुल कर काम कर सके और उसी के प्रति जवाबदेह हो.


इसके अलावा मोदी ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर झूठे वादे कर मतदाताओं को लुभाने का आरोप लगाया.

उधर दक्षिणी दिल्ली में बदरपुर के पास स्थित मीठापुर गांव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आप और भाजपा पर हमले तेज करते हुए मोदी को ‘प्रचारक’ और केजरीवाल को ‘धरनेबाज’ कहा.

केजरीवाल ने भी उत्तरी दिल्ली के शास्त्री नगर में अपनी चुनावी रैली में मोदी पर लोकसभा चुनाव पूर्व कालाधान वापस लाने के दावों पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा महिला सुरक्षा देने में असफल रही है.

सोनिया गांधी ने कहा, “देश नारेबाजी से नहीं चल सकता. खोखले भाषण नहीं बल्कि काम से देश आगे जाएगा.”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से हमला किया.

उन्होंने कहा कि भाजपा और आप राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा चलाई जा रही हैं. दोनों ही पार्टियों का केवल एक ही उद्देश्य है, कांग्रेस का विरोध.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा और आप को ही मुख्य रेस में माना जा रहा है, हालांकि कांग्रेस खुद को ‘छिपा रुस्तम’ बता रही है.

70 विधानसभा सीटों वाली दिल्ली में 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को सर्वाधिक 31 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि 28 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए आप ने कांग्रेस की 15 वर्षो की सरकार को पटरी से उतार दिया था. कांग्रेस मात्र आठ सीटें जीत सकी थी.

मोदी ने अपने चुनावी भाषण में कहा कि दिल्ली में एक ऐसी सरकार चाहिए जो भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के साथ सद्भावपूर्ण तरीके से काम करे और वह दिन-रात धरने-प्रदर्शन न करे.

मोदी ने कहा, “सरकार चलाना एक गंभीर मुद्दा है. आपको लोगों की समस्याओं और उनके दर्द को समझना है. वे लोग जो केवल सुर्खियों में रहना पसंद करते हैं वे दूर रहें.”

मोदी ने कहा कि विरोधी पार्टियों में झूठ बोलने की होड़ है. उन्होंने कहा, “झूठे वादे करने की होड़ है. इस तरह के झूठे वादे दिल्ली के पूर्व के चुनावों में नहीं किए गए थे. प्रत्येक 24 घंटे पर एक झूठ गढ़ा जा रहा है.”

मोदी ने आप या अरविंद केजरीवाल का नाम नहीं लिया, लेकिन अपने 40 मिनट के भाषण में आप और केजरीवाल पर कई बार हमले किए.

उन्होंने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा, “आप भाग कर ऐसा नहीं कर सकते.”

मोदी के साथ मंच पर मौजूद दिल्ली में भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने जनसभा में मौजूद लोगों को भरोसा दिलाया कि शहर की महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं को आजीविका उपलब्ध कराने पर उनका जोर रहेगा.

केजरीवाल ने आगामी चुनाव में अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी माने जा रहे भाजपा पर ही मुख्यत: निशाना साधा.

केजरीवाल ने कहा, “वे ‘बहुत हुए नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार’ जैसे नारे लगा रहे थे. पिछले कुछ दिनों में उन लोगों ने उल्टे महिलाओं पर ही निशाना बनाया है.”

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने आरोपों की सत्यता प्रमाणित करते हुए कहा, “उनका एक नेता कहता है महिलाओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए, दूसरा कहता है पांच बच्चे पैदा करने चाहिए.”

हरियाणा की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “एक नेता कहता है कि लड़कियों को मोबाइल नहीं रखना चाहिए. एक नेता कहता है कि लड़कियों को ज्यादा नहीं पढ़ाना चाहिए. एक और नेता कहता है कि लड़कियों को नौकरी नहीं करनी चाहिए.”

केजरीवाल ने कहा, “आखिर वे भारत को कहां ले जाना चाहते हैं? क्या वे भारत को 17वीं, 18वीं सदी में ले जाना चाहते हैं? महिलाओं की ऐसे करेंगे वे सुरक्षा? उनके हाथ में हो तो वे महिलाओं को कमरे में बंद कर उस पर ताला लगा दें.”

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