दिल्ली यातायात व्यवस्था अस्थाई

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: केजरीवाल ने आश्वासन दिया है कि असुविधा होने पर यातायात उपाय वापस लिये जायेंगे. उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 1 जनवरी 2016 से प्रदूषण घटाने के लिये नई व्यवस्था प्रस्तावित है. जिसको लेकर कयास लगाये जा रहे हैं कि इससे लोगों को परेशानी होगी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि राजधानी में बढ़ रहे प्रदूषण के कारण लोगों में बन रहे भय के माहौल की वजह से निजी वाहनों को एक दिन बाद करके परिचालन का कठोर फैसला किया गया और अगर लोगों को असुविधा होगी, तो इस फैसले को वापस ले लिया जाएगा. केजरीवाल ने यह भी कहा कि यह उपाय परीक्षण के तौर पर है, जिसकी अवधि 15-20 दिनों की हो सकती है.

मुख्यमंत्री ने यहां हिंदुस्तान लीडरशीप समिट में कहा, “हाल में कई रिपोर्ट आए हैं, जिसके मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है. इसके कारण लोगों में भय का माहौल बन गया है, जिसके निवारण के लिए यह कठोर कदम उठाया गया.”

उन्होंने कहा, “दिल्ली में प्रदूषण आपातकाल की स्थिति है. यातायात की इस व्यवस्था को कुछ दिनों के लिए लागू करने का फैसला किया गया है. मुद्दों के समाधान की जरूरत है.”

दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को कहा कि एक जनवरी से सम व विषम नंबर के वाहनों का परिचालन एक दिन बाद करके होगा. इस कदम की व्यापक तौर पर आलोचना हो रही है.

समिट के दौरान केजरीवाल ने कई मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने केंद्र व दिल्ली सरकार के बीच शत्रुता पर भी चर्चा की.

केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार के रोज ब रोज के हस्तक्षेप से वह खुद को अशक्त महसूस करने लगे हैं और यही कारण है कि उन्होंने कोई भी मंत्रालय अपने पास नहीं रखा और इन सबसे ऐसा लगता है कि वे विदेश मामलों के मंत्री बन गए हैं.

दिल्ली व केंद्र सरकार के बीच तकरारों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “रोज ब रोज के हस्तक्षेप ने मुझे बुरी तरह से तोड़ दिया है. यह सबसे बड़ी चुनौती है.”

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा लिए गए किसी भी अच्छे फैसले को उप राज्यपाल नजीब जंग द्वारा अप्रभावी व अमान्य करार दिया गया.

केजरीवाल ने कहा, “उप राज्यपाल एक हेडमास्टर की तरह हैं. आपको शासन के लिए जगह की जरूरत होती है.”

उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली सरकार की राजनीति से निपटता हूं और सभी मंत्री शासन से निपटते हैं. एक राजनीति है, जबकि दूसरा ..मैं इसे वाह्य संबंध करार दूंगा.”

वहीं, उन्होंने दिल्ली में विधायकों के वेतन को 400 फीसदी बढ़ाने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री को एक लाख रुपये से कम वेतन मिल रहा है, तो उनका भी वेतन बढ़ाया जाना चाहिए.

केजरीवाल ने कहा, “मैं एक अखबार में पढ़ रहा था कि दिल्ली के विधायकों का वेतन अब प्रधानमंत्री के वेतन से भी अधिक होगा. मैं इस बात की वकालत करता हूं कि अगर उनका वेतन एक लाख रुपये से कम है, तो उसे बढ़ाया जाना चाहिए.”

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के विधायक घूसखोरी न करें, इसीलिए उनका वेतन बढ़ाने का फैसला किया गया है.

पार्टी में सिद्दू के शामिल होने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदस्य नवजोत सिंह सिद्धू अगर आम आदमी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं, तो वह उनका स्वागत करेंगे.

केजरीवाल से यह पूछे जाने पर कि राजनीतिक महकमे में यह चर्चा है कि पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में सिद्धू को आप के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया जाएगा, जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “हम नवजोत सिंह सिद्धू का स्वागत करेंगे, यदि वे आप में शामिल होना चाहते हैं.”

केजरीवाल ने यह भी कहा कि वह पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत के प्रति आश्वस्त हैं.

आप नेता ने कहा, “वर्तमान में किए गए सर्वेक्षणों के मुताबिक, हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि पंजाब में हमारी जीत पक्की है. मुझे इस बात से कोई आश्चर्य नहीं होगा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम पंजाब में दोहराया जाएगा. जहां तक पार्टी के चेहरे की बात है, तो उसे सही समय पर पेश किया जाएगा.”

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