नोटबंदी पर कथनी और करनी में अंतर

नोटबंदी पर नेताओं की कथनी और करनी में अंतर है. सोशल मीडिया में जो नेता चीख-चीखकर मोदी सरकार के नोटबंदी का समर्थन करते दिखे थे वही आज नये-पुराने नोटों के साथ पकड़े गये हैं. पकड़े गये शख्स तमिलनाडु भाजपा के युवा मोर्चा के नेता हैं. उन्हें अपने पास मिले नोटों के जखीरें पर जवाब देते नहीं बन रहा है. उनके पास से 20 लाख रुपये की नगदी बरामद हुई है.

तमिलनाडु के सेलम में भाजपा युवा मोर्चा के नेता को पुलिस ने तब धर दबोचा जब वो बैंक से पैसे बदलने के बाद लौट रहा था. उसके पास से नये और पुराने दोनों नोटों का ज़खीरा मिला. नोटों के साथ गिरफ्तार भाजपा नेता का नाम जेवीआर अरुण है. जैसे ही अरुण को गिरफ्तार किया गया पार्टी ने उसे सभी पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है.


जेवीआर अरुण के पास से 2000 रुपये के 926 नोट, 1000 रुपये के 50 नोट और 100 रुपये के 1530 नोट मिले हैं.

दिलचस्प बात ये है कि जब मोदी ने नोटबंदी का फैसला किया था तब अरुण ने फेसबुक पोस्ट पर पीएम मोदी के निर्णय का जमकर स्वागत किया था.

उन्होंने लिखा था, “मोदी और सिर्फ मोदी ही ऐसा फैसला ले सकते हैं. चंद्राबाबू नायडू ने प्रस्ताव दिया था, अब मोदी ने इसे लागू कर दिया.”

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