कमल विहार पर फिर विवाद

रायपुर | संवाददाता: रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की महत्वकांक्षी कमल विहार योजना पर एक बार फिर विवाद पैदा हो गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने योजना के भू-अर्जन के लिए किसानों की सहमति के बिना जमीन लिए जाने का मुद्दा उठया है.

श्री शर्मा ने इस बात पर गहरी आपžत्ति जताई है कि आरडीए द्वारा किसानों की सहमति लिए बगैर अनिवार्य भू-अर्जन की कार्रवाई शुरू कर दी गई.


बुधवार को आरडीए अफसर पहुँचे सत्यनारायण शर्मा ने अध्यक्ष सुनील सोनी से इस मामले पर चर्चा की और कहा कि वे बिना सहमति के किसानों की एक इंच जमीन नहीं लेने देंगे. उन्होने श्री सोनी से यह भी पूछा कि क्या भू-अर्जन के पहले प्रभावित किसानों से सहमति ली गई थी?

पूर्व मंत्री ने इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि व्यक्तिगत रूप से किसानों की सहमति लेने की कार्रवाई नहीं कर अखबारों में ईश्तहार छपा कर अनिवार्य भू-अर्जन की कार्रवाई शुरू कर दी. साथ ही उन्होने यह भी पूछा कि क्या इसके लिए कोई कट ऑफ डेट रखी गयी थी या नहीं?

मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री ने साफ तौर पर कहा किसानों की सहमति के बिना जमीन नहीं ली जानी चाहिए और जमीन के बदले जमीन दी जानी चाहिए. पूर्व मंत्री ने यह कहा कि किसानों की जमीन 90 रुपए में लेकर 1200 सौ रुपए वर्गफीट में बेचा जा रहा है. आरडीए अध्यक्ष ने इस पर विचार कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.

इस दौरान आरडीए अध्यक्ष Ÿश्री सुनील सोनी ने इस योजना को पारदर्शी बताया और इसके क्रिया‹वयन के तरीकों पर आपत्ति कर रहे पूर्व मंत्री Ÿश्री शर्मा को सारे दस्तावेज दिखाने की बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हैं. श्री सोनी का कहना था कि विकास के लिए सभी दलों को सोच की जरूरत है और यह वाद-विवाद विषय नहीं है.

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