DUSU में भी ABVP हारी

नई दिल्ली | संवाददाता: जेएनयू के बाद अब दिल्ली विश्वविद्यालय यानी DUSU में भी भाजपा को झटका लगा है. भाजपा के छात्र संगठन ABVP को करारी हार का सामना करना पड़ा है. पिछले साल ABVP ने DUSU के सेंट्रल पैनल में 4 में से 3 सीटों पर कब्ज़ा जमाया था. पिछले 4 साल से ABVP यहां पर काबिज़ था. लेकिन यहां इस साल केवल दो सीटें ABVP को मिली हैं.DUSU के चुनाव में NSUI ने कब्ज़ा जमाया है.

गौरतलब है कि जेएनयू के छात्र संघ चुनाव में लेफ्ट पार्टियों ने फिर से अपनी वापसी की थी. यहां दूसरे सभी संगठनों को मुश्किल का सामना करना पड़ा था. अब DUSU में भी वही कहानी दुहराई गई है लेकिन यहां नायक बनके NSUI उभरी है.


NSUI के रॉकी तूशीद ने अध्यक्ष पद पर बाजी मारी. उपाध्यक्ष पद पर भी NSUI के उम्मीदवार ने ही जीत हासिल की है. ABVP को संयुक्त सचिव और सचिव के पदों पर जीत मिली है.

रॉकी को 16,299 वोट मिले जबकि ABVP उम्मीदवार रजत चौधरी को 14,709 वोट हासिल हुए. उपाध्यक्ष पद पर NSUI के कुणाल शेरावत ने ABVP के पार्थ राणा को हराया. सचिव पद पर ABVP उम्मीदवार महामेधा नागर ने NSUI की मीनाक्षी मीणा को हरा दिया. ABVP के उमाशंकर ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की. उन्होंने NSUI के अविनाश यादव को हराया. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के ये नतीजे पिछले साल से उलट है. पिछले साल ABVP ने 3 पदों पर, जबकि NSUI ने संयुक्त सचिव का पद जीता था.

डूसू के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए NSUI ने इसे ‘शानदार वापसी’ बताते हुए कहा कि यह साफ संकेत है कि छात्र बिरादरी का कांग्रेस और हमारे प्रिय नेता राहुल गांधी पर भरोसा बहाल हुआ है. वहीं, ABVP के एक कार्यकर्ता ने कहा, हम चार साल से यूनियन में थे. यह लेफ्ट और NSUI की गंदी चाल है. लेफ्ट ने NSUI को मदद पहुंचाने के लिए डमी कैंडिटेट खड़ा किया. इस बार मंगलवार को हुए डूसू चुनाव में 43 फीसदी मतदान हुआ था. कैंपस से दूर-दराज स्थित कॉलेजों में कम वोटिंग दर्ज की गई.

इधर कई संगठनों ने कहा है कि जेएनयू के बाद डीयू के चुनाव में भाजपा के छात्र संगठन की हार ने बता दिया है कि देश का नौजवान क्या चाहता है.

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