मोहम्मद मुर्सी हिरासत में लिए गए

काहिरा | एजेंसी: मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को एक पुराने मामले की लंबित जांच के कारण सेना द्वारा 15 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया है. मुर्सी पर तत्कालीन राष्ट्रपति होस्नी मुबारक की सरकार को अस्थिर करने वाली वर्ष 2011 की क्रांति के दौरान हमास के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है. यह जानकारी मीडिया ने मिस्त्र की सरकारी समाचार एजेंसी एमईएनए के हवाले से दी है.

न्यूज़ चैनल अल जज़ीरा के मुताबिक, मुर्सी के खिलाफ हो रही जांच में इस दावे की भी जांच शामिल है कि उन्होंने पुलिस थानों और जेलों पर हमला बोलने सहित ‘सरकार विरोधी गतिविधि’ संचालित करने के लिए फिलीस्तीनी संगठन के साथ हाथ मिला लिया था.

क्रांति के दौरान मुर्सी भी वाडी नैट्रोउन जेल में नजरबंद थे. 30 जनवरी को वे मुस्लिम ब्रदरहुड के कई शीर्ष कार्यकर्ताओं सहित दर्जनों दूसरे कैदियों के साथ जेल से भाग निकले थे. मुर्सी के खिलाफ शिकायत में कहा गया है कि जेल से भागने के लिए उन्होंने हमास के साथ सांठ-गांठ की थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अभियोजन विभाग के एक सूत्र ने शुक्रवार को इस आशय की पुष्टि की है.

3 जुलाई को सेना द्वारा अपदस्थ किए जाने के बाद मुर्सी को पहली बार औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया है. सेना ने उन्हें अज्ञात स्थान पर रखा है. जांच जारी रहने पर उनकी हिरासत आगे बढ़ सकती है.

मुस्लिम ब्रदरहुड ने इस कदम की आलोचना करते हुए मुबारक शासन की वापसी करार दिया है. गाजा पट्टी पर राज करने वाले संगठन हमास ने जांच को ‘खतरनाक घटनाक्रम’ बताया है.

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