छग टेपकांड: चुनाव आयोग ने मांगे टेप

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: चुनाव आयोग ने 7 दिन के अंदर छत्तीसगढ़ टेप कांड के टेप की मांग की है. इससे पहले कांग्रेस ने बुधवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के इस्तीफे की मांग की. पार्टी ने यह मांग इस आरोप के बाद की है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के एक प्रत्याशी को चुनाव मैदान से हटने के लिए धन देने की पेशकश की गई थी. कांग्रेस ने मामले की जांच की मांग भी की है.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 13 सितंबर को बस्तर के अंतागढ़ विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हुआ था, जिसमें कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे. लेकिन चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस उम्मीदवार मंतूराम पवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. हालत ये हुए थे कि नामांकन वापसी के अंतिम दिन भाजपा ने निर्विरोध चुनाव जीतने के लिए कोशिशें शुरू की और एक-एक कर 10 उम्मीदवार चुनाव मैदान से हट गए.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाता सम्मेलन में मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की है.

उन्होंने कहा, “जांच जारी रहने तक यह सही नहीं होगा कि रमन सिंह मुख्यमंत्री पद पर बने रहें, क्योंकि वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं. निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.”

उन्होंने कहा, “अगर मामले में कांग्रेस नेता शामिल हैं, तो इसकी भी जांच होनी चाहिए.”

इंडियन एक्सप्रेस ने आडियो टेप के हवाले से समाचार दिया है कि 2014 में अंतागढ़ विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए धन का लेन-देन हुआ था.

कांग्रेस प्रत्याशी मंतुराम पवार ने चुनाव मैदान से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी. इसी साल मार्च में पवार ने भाजपा की सदस्यता ले ली थी.

इस उपचुनाव में भाजपा को बिना लड़े जीत मिल गई थी. साल भर बाद आडियो टेप सामने आया है, जिसमें भाजपा और कांग्रेस नेताओं की बातें रिकार्ड हैं.

उधर छत्तीसगढ़ आम आदमी पार्टी ने इसे रमन सरकार का दामादगेट काण्ड की संज्ञा दी है. आम आदमी पार्टी के छत्तीसगढ़ के संयोजक संकेत ठाकुर ने सोशल मीडिया पर तंज कसा है कि भाजपा को भी भ्रष्ट दामाद मिल गया है. उन्होंने लिखा है, “राष्ट्रीय अखबार इंडियन एक्सप्रेस द्वारा जारी किये गए ऑडियो टेप में छत्तीसगढ़ की रमन सरकार का दामादगेट काण्ड उजागर हो गया है. इस कांड के माध्यम से भाजपा को भी भ्रष्ट दामाद मिल गया है. केवल एक घटना है, एक विधायक सीट की बात है, रमन सिंह ने ऐसे और कितने विधायक खरीदें हैं इसका कोई जवाब किसी के पास नहीं है. इस कांड से छत्तीसगढ़ की जनता को धोखा दे रहे भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत पुनः उजागर हो गई है. ये दोनों पार्टियां प्रदेश की जनता को धोखा देकर लूट रही है.”

कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने पूरे मामले को झूठा, मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताते हुए कहा है, ”हमने इस मामले में अपने वकील से बात की है और झूठे आरोप लगाने वालों के ख़िलाफ़ बुधवार को दीवानी और फ़ौजदारी मुक़दमा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं.”

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा, ”इस टेप के सार्वजनिक होने के बाद यह बात साफ़ हो गई है कि कांग्रेस को कौन लोग कमज़ोर कर रहे हैं. ऐसे लोगों को पार्टी में एक मिनट भी रहने का अधिकार नहीं है. हमने इस बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी चर्चा की है.”

उम्मीदवारी वापस लेने वाले मंतूराम पवार ने भी कहा कि उन्होंने किसी दबाव या प्रलोभन में नाम वापस नहीं लिया था. पवार ने भी इस टेप को झूठा बताया है.

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