तन्हा रह गई रेखा

मुंबई | विशेष संवाददाता: हिन्दी फिल्म ‘मुकद्दर का सिकंदर’ की रेखा अपने जीवन में तन्हा ही रह गई हैं. भारतीय फिल्मों की सबसे रोमांटिक जोड़ी अमिताभ-रेखा ने 1976 में फिल्म ‘दो अनजाने’ में सबसे पहले एक साथ अभिनय किया था. उनके साथ का सिलसिला 1981 के फिल्म ‘सिलसिला’ के बाद टूट सा गया. आज अमिताभ बच्चन फिल्मी दुनिया के ‘सदी के महानायक’ के उपमा से पुकारे जाते हैं परन्तु अविवाहित रहने वाली रेखा का जीवन मानों फिल्म ‘सिलसिला’ के बाद ठहर सा गया है. प्रतिभाशाली रेखा को हिन्दी फ़िल्मों की सबसे अच्छी अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है. वैसे तो रेखा ने अपने फ़िल्मी जीवन की शुरुआत बतौर एक बाल कलाकार तेलुगु फ़िल्म ‘रंगुला रत्नम’ से कर दी थी, लेकिन हिन्दी सिनेमा में उनकी प्रविष्टि 1970 की फ़िल्म ‘सावन भादों’ से हुई.

रेखा ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाया है. फिल्म ‘खूबसूरत’ की चुलबुली रेखा, फिल्म ‘मुकद्दर का सिकंदर’ की तवायफ रेखा, फिल्म ‘सिलसिला’ की प्रेमिका रेखा, फिल्म ‘विजेता’ की मां रेखा, फिल्म ‘नागिन’ की नागिन रेखा, न जाने बालीवुड में रेखा कितने रूपों में अपनी छाप छोड़े हुए है. इस के बाद भी माना जाता है कि रेखा की जोड़ी अमिताभ बच्चन के साथ सबसे अच्छी फबती थी.

इस दौर में अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन ने बालीवुड में अपने पैर जमा लिये हैं. अभिषेक बच्चन की पत्नी ऐशवर्या बच्चन मां भी बन चुकी है. अमिताभ बच्चन आज गुजरात के ब्रांड एंबेसेडर हैं तथा देश के सबसे लोकप्रिय टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मेजबान हैं.

यूं तो बालीवुड में धर्मेन्द्र-हेमा की रोमांटिक जोड़ी के लोग दीवाने थे परन्तु उनकी जोड़ी ने एक मुकाम पर पहुंचकर जीवन को स्थिरता प्रदान की है. रेखा, इस मामले में बदकिस्मत साबित हुई है. इसके बाद भी रेखा द्वारा अभिनीत फिल्मों के गाने को सुनकर लगता है कि रेखा अपने मोहबत के मारे मसीहा के इंतजार में है.

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