भारत का ‘लिटमस टेस्ट’ pk

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता: फिल्म ‘पीके’ के माध्यम से देश की धर्म निरपेक्षता तथा सहिष्णुता का ‘लिटमस टेस्ट’ हो रहा है. फिल्म ‘पीके’ के खिलाफ देश के हिस्सों में उग्र प्रदर्शन किया जा रहें हैं वहीं, अभी तक इस विषय पर सरकार का कोई पक्ष सामने नहीं आया है. दूसरी तरफ, हिन्दू धर्म के स्वंयभू पैरोकार फिल्म ‘पीके’ के खिलाफ मानो राज्य की भूमिका में अवतरित हो गये हैं तथा इसका विरोध कर रहें हैं एवं इसके खिलाफ फरमान जारी कर रहें हैं. कुछ स्थानों पर तो ‘आमिर खान पाकिस्तान जाओं’ के नारे तक लगाये गयें हैं. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मानो ‘पीके’ कोई फिल्म नहीं वरन् नया धर्म है जिससे खतरा पैदा हो गया है. देश में ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो गई है कि वास्तव में फिल्म ‘पीके’ के माध्यम से भारत वर्ष की परीक्षा हो रही है. इस फिल्म को चलने देने या रोक देने से साबित हो जायेगा कि हमारे देश की तस्वीर आनेवाले दिनों में कैसी होगी?

जाहिर है कि इस गंभीरता से अनजान विरोध करने वाले ‘पीके’ के विरोध करने को ही अपना पुनीत कर्तव्य मानकर चल रहें हैं. धर्मातरण के मुद्दे के कारण इन दिनों चर्चा में रहने वाले हिंदूवादी संगठनों को आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘पीके’ ने सुर्खियां बटोरने का एक और मौका दे दिया है. इस फिल्म के खिलाफ पूरे देश में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने दूसरे दिन भी कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए. इन संगठनों का आरोप है कि ‘पीके’ के कुछ संवादों से हिंदू धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. बजरंग दल ने मंगलवार को दिल्ली के डिलाइट और प्रिया सिनेमाघरों पर प्रदर्शन किया और पुतले फूंके. बजरंग दल की तरफ से विश्व हिंदू परिषद की दिल्ली इकाई के महामंत्री रामकृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि फिल्म के माध्यम से षड्यंत्रपूर्वक धार्मिक भावनाएं भड़का कर देश को सांप्रदायिक आग में झोंका जा रहा है. गृह मंत्रालय को अविलंब संज्ञान में लेकर इस पर अंकुश लगाना चाहिए.


विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने बताया कि मंगलवार दोपहर में दिल्ली के दरियागंज स्थित डिलाइट सिनेमा और शाम के समय दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार स्थित प्रिया सिनेमा में बजरंग दल के प्रदर्शनों में फिल्म के पोस्टर जलाए गए और पुतले फूंके गए. उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि पुतले किसके फूंके गए, अभिनेता-अभिनेत्री के या निर्माता-निर्देशक के.

वहीं हिंदू युवा वाहिनी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानभवन के सामने प्रतिभा सिनेमाघर पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की. हालांकि पुलिस बल ने स्थिति को काबू में रखा. वाहिनी के कार्यकर्ता सिनेमाघर में तोड़फोड़ करने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया.

वाहिनी के नगर अध्यक्ष सुनील शुक्ला ने कहा कि फिल्म में हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाया गया है, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने फिल्म पर तत्काल बैन लगाने की मांग की. साथ ही ऐसा न होने पर समूचे प्रदेश में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी.

राजधानी के कुछ लोगों से जब फिल्म के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. त्रिवेणी नगर निवासी अर्जुन वर्मा, योगेश कुमार ने कहा कि विरोध प्रदर्शन से फिल्म और ‘हाईलाइट’ होगी.

लोगों का कहना कि इस फिल्म से कुछ लोगों की धार्मिक भावनाएं भले ही आहत हुई हों, लेकिन यह फिल्म जनता के हित में है. भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी इसकी प्रशंसा कर चुके हैं.

मध्य प्रदेश में ‘पीके’ के खिलाफ हिंदूवादी संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा. नीमच जिले में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग करते हुए पोस्टर फाड़े और उन्हें आग के हवाले कर दिया. कार्यकर्ता हाथ में भगवा झंडे लिए हुए राजमंदिर सिनेमाघर की ओर बढ़े, मगर रोक दिए गए.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पांडे ने कहा कि बजरंग दल कार्यकर्ताओं को सिनेमाघर तक नहीं पहुंचने दिया गया और न ही फिल्म के किसी शो को रोका गया है. इन प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे लगे पोस्टरों को जरूर फाड़ दिया.

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बजरंग दल ने मंगलवार को विभिन्न सिनेमाघरों पर प्रदर्शन कर ‘पीके’ पर प्रतिबंध की मांग की. बजरंग दल का आरोप है कि फिल्म हिदुओं की भावनाओं के खिलाफ है.

प्रदर्शनकारियों ने यहां एक सिनेमाघर में तोड़फोड़ की. उन्होंने फिल्म के पोस्टर और बैनरों को भी जलाया. इस फिल्म की कहानी एक ऐसे साधु पर आधारित है, जो अपने हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग करता है.

तोड़फोड़ के मद्देनजर सिनेमाघरों ने विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों को खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है.

आंध्रप्रेदश की राजधानी हैदराबाद में भी विहिप के कार्यकर्ताओं ने फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन किया. यहां के दिलसुख नगर इलाके में स्थित मेघा कार्यकर्ताओं ने सिनेमाघर के बाहर प्रदर्शन किया.

बिहार में भी मंगलवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ‘पीके’ फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन किए. उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म हिंदू धर्म और मान्यताओं का उपहास करती है.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ‘पीके’ फिल्म के पोस्टर फाड़े और बैनरों को नुकसान पहुंचाया.”

गौरतलब है कि आमिर खान ने इसी महीने ‘पीके’ फिल्म का प्रचार अभियान यहीं से शुरू किया था. इस फिल्म में वह भोजपुरी भाषा बोलते हुए दिखते हैं, जो कि बिहार में व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा है.

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