चेतावनी के बाद भी न माना पाक

जम्मू | समाचार डेस्क: गृहमंत्री राजनाथ सिंह की चेतावनी के बाद भी पाक रेंजर्स ने सीमा पर गोलाबारी जारी रखी है. उसके जवाब में बीएसएफ के जवान भी जवाबी कार्यवाही में लगे हैं. इन गोलीबारी से भारत के तीन लोग घायल हो गये हैं. भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास के गांव के करीब 20हजार नागरिकों को अपने निवास स्थान से हटाकर शिविरों में भेज दिया है. गौरतलब है कि 2003 में हुए युद्ध विराम की संधि के बाद यह सबसे बड़ी गोलीबारी की घटना है. खबरों के अनुसार करीब 40गांवों के लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा है.

जम्मू में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “अरनिया कस्बे में तीन आम नागरिक सोमवार रात पाकिस्तान रेंजर्स की गोलीबारी और मोटार्र हमले में घायल हो गए.”

जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में लगातार गोलीबारी की वजह से ग्रामीणों को घर छोड़कर भागना पड़ा है, जिन्हे अस्थाई शिविरों में रखा गया है.

पुलिस ने कहा, “घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सीमा सुरक्षा बल पाकिस्तान की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रही है.”

जम्मू एवं सांबा जिलों में अरनिया, परगवाल, कानचक, रामगढ़ और दूसरे स्थानों पर पाकिस्तान रेंजर्स एवं बीएसएफ के बीच सोमवार शाम को शुरू हुई गोलीबारी मंगलवार को भी जारी है.

भारत और पाकिस्तान के बीच 2003 में हुई युद्धविराम संधि के उल्लंघन के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में युद्धविराम संधि का उल्लंघन बंद करने के लिए कहा. उन्होंने पाकिस्तान को आगाह किया किया भारत में अब समय बदल गया है.

मंत्री का यह बयान जम्मू एवं कश्मीर में पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी में पांच आम नागरिकों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की खबर मिलने के बाद आया. भारत की तरफ से सीमा पर बीएसएफ ने मोर्चा संभाल रखा है. उल्लेखनीय है कि भारत-राक के बीच तनाव बढ़ा है. इससे पहले मोदी सरकार ने सचिव स्तर की वार्ता के लिये पहल किया था परन्तु पाकिस्तान के अड़ियल रवैये के कारण उसे बंद करना पड़ा था.

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