इंदिरा के जयंती पर महिला बैंक का शुभारंभ

नई दिल्ली | एजेंसी: पी. चिदम्बरम ने मंगलवार को कहा है कि भारतीय महिला बैंक सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की तरह सभी बैंकिंग सेवाएं और सुविधाएं देगा. पूरे देश में और विदेशों में भी इसकी शाखाएं खोली जाएंगी.

चिदम्बरम मुम्बई में भारतीय महिला बैंक के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, “सरकार की ओर से मैंने 28 फरवरी, 2013 को यह बैंक खोलने का वादा किया था और मुझे खुशी है कि बहुत कम समय में यह बैंक स्थापित हुआ और इसका उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्म दिवस के मौके पर हो रहा है.”


उन्होंने कहा कि भारतीय महिला बैंक, सिर्फ महिलाओं की अधिकारिता का प्रतीक नहीं, बल्कि उनके अधिकारिता का आधार है. देश में केवल 26 प्रतिशत महिलाओं के पास बैंक खाते हैं. पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए प्रति व्यक्ति ऋण 80 प्रतिशत कम है, इसलिए ऐसे बैंक की जरूरत महसूस की गई जो मुख्य रूप से महिलाओं/स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं, व्यापार से जुड़ी महिलाओं और कामकाजी महिलाओं की सेवा करेगा.

देश की आधी आबादी को विशेष बैंकिंग सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से मंगलवार को देश का पहला महिला बैंक ‘भारतीय महिला बैंक’ शुरू हो गया. उल्लेखनीय है कि देश की 75 फीसदी महिलाओं का कोई बैंक खाता ही नहीं है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित भारतीय वायुसेना भवन में देश के पहले महिला बैंक का उद्घाटन किया. इस अवसर पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं.

पूरे देश में इस महिला बैंक की सात शाखाएं काम करेंगी. अन्य छह शाखाओं का उद्घाटन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया गया.

इस अवसर पर मनमोहन सिंह ने कहा, “शुरुआत में बैंक की सात शाखाएं काम करेंगी, जिनकी संख्या अगले वर्ष मार्च तक 25 कर दी जाएगी. बैंक देश के नगरीय और ग्रामीण दोनों इलाकों पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा.”

उन्होंने आगे कहा, “महिला उद्योगपतियों को ध्यान में रखते हुए यह बैंक विशेष योजनाएं पेश करेगा. जिन लोगों को शुरूआत में इस बैंक की जिम्मेदारी दी जाएगी, उनके लिए इस बैंक का विकास करना चुनौतीपूर्ण होगा.”

यह बैंक प्राथमिक तौर पर महिलाओं के लिए काम करेगा लेकिन पुरुषों से भी धन जमा कराएगा.

पंजाब नेशनल बैंक की कार्यकारी निदेशक रह चुकी उषा अनंतसुब्रमण्यम को बैंक का अध्यक्ष बनाया गया है.

सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान फरवरी में वार्षिक बजट पेश करने के दौरान यह बैंक शुरू करने की घोषणा की थी.

तब केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संसद में कहा था कि भारतीय महिला बैंक एक सार्वभौमिक बैंक होगा, तथा सार्वजनिक एवं निजी बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली समस्त सेवाएं प्रदान करेगा.

चिदंबरम ने कहा था, “देशभर में इस बैंक की शाखाएं खोली जाएंगी, तथा इसी बीच कुछ शाखाएं विदेशों में भी शुरू की जाएंगी.”

चिदंबरम ने तब कहा था कि देश की सिर्फ 26 फीसदी महिलाओं के ही बैंकों में खाते हैं.

संयोग से देश के पहले महिला बैंक का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी की 96वीं जयंती के अवसर पर हुआ.

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