जन्नत में बाढ़ की तबाही

श्रीनगर | एजेंसी: जम्मू एवं कश्मीर में बाढ़ एवं दुर्घटना के कारण राज्य में 55 लोगों की जानें जा चुकी हैं. बाढ़ से जहां अभी तक 15 मौतें हुई हैं वहीं गुरुवार को उफनती नदी में बस के गिर जाने से 40 लोग तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए. गौरतलब है कि कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है. सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से राज्य में बाढ़ की स्थिति और राजौरी में हुई बस दुर्घटना पर बात की. राजनाथ सिंह ने शुक्रवार से शुरू होने वाली अपनी यात्रा टाल दी है.

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को अप्रत्याशित बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए सभी प्रकार की सहायता मुहैया कराने का भरोसा दिया है.

पुलिस ने बताया कि लगातार वर्षा के कारण बाढ़ और भूस्खलन के कारण पिछले दो दिनों में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं.

अचानक बाढ़ के कारण हुए भूस्खलन के कारण गुरुवार को अनंतनाग जिले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई.

बुधवार को जम्मू क्षेत्र के रेआसी जिले में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई जबकि पुंछ जिले में बीएसएफ के एक अधिकारी सहित तीन अन्य की मौत हो गई. बड़गाम जिले में भी दो लोग मारे गए हैं.

जम्मू एवं कश्मीर से सऊदी अरब के लिए होने वाली हज की उड़ान तीन दिनों के लिए निरस्त कर दी गई है.

अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां जिलों में सैकड़ों ग्रामीण बाढ़ के पानी में घिर जाने से अभी भी फंसे हुए हैं.

ग्रामीणों के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पुलिस और सेना ने व्यापक राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है.

जम्मू क्षेत्र में चेनाब नदी के साथ ही अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग में झेलम खतरे के निशान से पांच फुट ऊपर बह रही है जबकि श्रीनगर के राम मुंशी बाग में यह चार फुट ऊपर बह रही है.

मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने आईएएनएस से कहा कि शनिवार तक राज्य में और वर्षा होने की उम्मीद है.

उन्होंने कहा, “शनिवार की शाम से हम मौसम में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं.”

कुलगाम, अनंतनाग, पुलवामा, बारामुला, शोपियां, बांदीपोरा, बड़गाम, श्रीनगर, गंदरबल, पुंछ, राजौरी, रेआसी, जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में अलर्ट जारी किया गया है.

श्रीनगर-जम्मू और श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों को बंद रखने का आदेश दिया गया है.

घाटी के श्रीनगर, पुलवामा, कुलगाम, अनंतनाग और शोपियां जिलों में स्कूल, कॉलेज एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान गुरुवार को बंद रहे.

कश्मीर विश्वविद्यालय ने गुरुवार और शुक्रवार को अपनी परीक्षाएं स्थगित रखने की घोषणा की है.

इस बीच बारामूला जिले के कुंजर में फीरोजपुर धारा में आई बाढ़ में फंसे सात श्रमिकों को पुलिस ने बचा लिया है. ये मजदूर एक पत्थर तोड़ने वाले क्रशर पर काम कर रहे थे.

दूध गंगा नाले का बांध टूट जाने से श्रीनगर के बाराजल्ला इलाके में स्थित बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल में पानी घुस गया.

राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के सफा कादल, ईदगाह, नौशेरा, सौरा, रेसीडेंसी रोड व अन्य कई इलाकों में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी जमा हो गया है.

उधर राज्य के राजौरी जिले में गुरुवार को बारातियों को ले जा रही एक बस उफनती नदी में गिर गई, जिससे उसमें सवार 40 लोगों की मौत हो गई.

पुलिस ने बताया कि बारातियों को ले जा रही बस पर गुरुवार सुबह चालक का नियंत्रण नहीं रहा और वह राजौरी जिले के नौशेरा कस्बे से 15 किलोमीटर दूर लाम नदी में गिर गई.

अधिकारी ने कहा, “छह यात्री अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, जबकि 40 लोग उफनती नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए.”

शवों की तलाश के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है. आपदा प्रबंधन की टीम दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गई है.

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