नया खाद्य सुरक्षा बिल लोकसभा में पेश

नई दिल्ली | एजेंसी: केंद्र की यूपीए सरकार ने लोकसभा में नया खाद्य सुरक्षा विधेयक 2013 पेश कर दिया है. यह विधेयक पिछले महीने जारी हुए अध्यादेश का स्थान लेगा. इस बिल को कांग्रेस की चुनावी रणनीति के हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि इस विधेयक में देश की 67 प्रतिशत जनता को बेहद कम दाम में खाद्यान्न उपलब्ध कराने का प्रावधान है.

खाद्य मंत्री के.वी. थामस ने बुधवार को पहले सदन में 2011 में पेश खाद्य सुरक्षा विधेयक को वापस लिया और इसके बाद नया विधेयक पेश किया. यह विधेयक उस अध्यादेश पर आधारित है, जिसे मंजूरी के लिए सोमवार को सदन के समक्ष रखा गया था.

लोकसभा में भारी हंगामे के बीच विधेयक पेश करते हुए थॉमस ने कहा, “विधेयक राज्यों के अधिकारों से नहीं टकराता है. यह संघीय ढांचे के खिलाफ भी नहीं है. विधेयक का उद्देश्य भोजन को अधिकार के तौर पर देना है.”

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि सीमा सुरक्षा का मुद्दा भी खाद्य सुरक्षा जितना ही महत्वपूर्ण है. उन्होंने अपनी मांग को दोहराया कि रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी जम्मू एवं कश्मीर में पांच सैनिकों की हत्या के मामले में अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें.

एआईएडीएमके के ए. थंबीदुरई ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह राज्यों के अधिकारों के खिलाफ है. वह यह भी चाहते थे कि इस विधेयक पर सदन में कोई फैसला लिए जाने से पहले राज्यों से परामर्श किया जाए. इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने भी बिल का विरोध किया है.

सदन में हंगामे के कारण अध्यक्ष ने कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी.

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