बिंद्रा पर चौटाला के बयान पर विवाद

नई दिल्ली | एजेंसी: ओलम्पिक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा पर अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) से निलंबित चल रही भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला की शुक्रवार को की गई टिप्पणी ने खेलजगत में खलबली मचा दी है.

आईओसी के सख्त रुख और चारों तरफ से आईओए को आईओसी की शर्त स्वीकार कर लेने पर जोर दिए जाने के कारण झुंझलाए चौटाला शुक्रवार को चंडीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में बिंद्रा पर तीखी और व्यक्तिगत टिप्पणी कर बैठे.


चौटाला ने कहा, “अभिनव के पिता चेक बाउंस होने के मामले में पिछले एक महीने से जेल में हैं. अगर बिंद्रा को आरोपित लोगों से समस्या है तो उन्हें सबसे पहले अपने पिता को छोड़ देना चाहिए या अपने पिता के घर से फौरन निकल जाना चाहिए.”

चौटाला की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब आईओसी ने आरोपित अधिकारियों को खेल संघों से दूर रखने के अपने निर्णय पर बरकरार रहते हुए आईओए को अपने संविधान में संबंधित संशोधन करने के लिए 31 अक्टूबर की समय-सीमा दे दी है. इसके अलावा आईओसी ने संशोधित संविधान के अंतर्गत आईओए को 15 दिसंबर तक नए चुनाव भी करा लेने के लिए कहा है, ताकि उसे ओलम्पिक में शामिल किया जा सके.

चौटाला की इस टिप्पणी पर खेलजगत की कई हस्तियों ने तीखी आलोचना की है.

दिग्गज टेनिस खिलाड़ी एवं कई ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके महेश भूपति ने अपने ट्विटर खाते में की गई टिप्पणी में कहा, “ट्विटर की शब्दसीमा में मैं वह सब नहीं कह सकता जो बिंद्रा और उनके परिवार पर आईओए के हमले पर कहना चाहता हूं.. लेकिन मैं बिंद्रा का पूरा समर्थन करता हूं.”

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष रनिंदर सिंह ने कहा कि चौटाला के बाद इस तरह की टिप्पणी अब नहीं आनी चाहिए. रनिंदर ने कहा, “चौटाला को याद रखना चाहिए कि शीशे के घर में रहने वाले लोगों को दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए.”

चौटाला के पिता एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और उनके बड़े भाई अजय चौटाला अध्यापक भर्ती घोटाले में दोषी पाए गए हैं.

बिंद्रा ओलम्पिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में देश को स्वर्ण दिलाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं, तथा भारतीय खेल जगत को साफ-सुथरा रखने वाले एक अभियान की अगुवाई कर रहे हैं.

बिंद्रा के साथ इस अभियान में ओलम्पिक में दो बार पदक जीत चुके पहलवान सुशील कुमार और भूपति भी हैं. भूपति और सुशील कुमार के साथ-साथ बिंद्रा ने भी आईओसी के समक्ष एक याचिका दायर कर भारतीय खेलों से भ्रष्टाचार को खत्म करने और भारत को फिर से ओलम्पिक में शामिल करने का अनुरोध किया है.

बिंद्रा ने कहा, “हमारे निलंबन के पीछे नैतिकता मुख्य कारण रहा है. हम इसे सही नहीं करते तो हम ओलम्पिक में वापसी नहीं कर सकते. इसे समझना इतना मुश्किल क्यों है कि लोगों को अपने व्यक्तिगत स्वार्थो को दूर रखना होगा. उन्हें अपने निजी हितों से इतर सोचना होगा. उन्हें भारतीय खेल के बड़े परिदृश्य के बारे में सोचना होगा.”

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